बीते दिनों सीएम अखिलेश यादव को खून से पत्र लिखकर इंसाफ मांगने वाली बुलंदशहर की बहनों लतिका व तानिया बंसल को सोमवार को भी मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया।
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वो दोनों बहनें अपनी नानी ओमवती देवी व मामा तरूण के साथ आईं थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन जीप में ठूंसकर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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चारों लोग सीएम से मिलने के लिए पांच कालिदास मार्ग से नवनिर्मित सचिवालय के लोकभवन के बीच चक्कर काट रहे थे। हर जगह से टरकाए जाने पर तानिया और उसकी नानी को चक्कर आ गया। दोनों गश खाकर गिर पड़ीं तो पुलिस ने उन्हें सिविल में भर्ती करा दिया।
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चारों लोग सीएम से मिलने के लिए पांच कालिदास मार्ग से नवनिर्मित सचिवालय के लोकभवन के बीच चक्कर काट रहे थे। हर जगह से टरकाए जाने पर तानिया और उसकी नानी को चक्कर आ गया। दोनों गश खाकर गिर पड़ीं तो पुलिस ने उन्हें सिविल में भर्ती करा दिया।
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लतिका ने बताया कि बेटा पैदा न करने पर उसकी मां अनु को पिता मनोज व ससुरालवालों ने जला दिया था। मां की मौत की एफआईआर बुलंदशहर कोतवाली में दर्ज है।
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पुलिस ने मनोज को गिरफ्तार कर लिया जबकि बाकी सात आरोपी घर पर हैं और उसे व ननिहाल के लोगों को धमका रहे हैं। दोनों बहनों ने सीएम को अपने खून से पत्र लिखकर इंसाफ मांगा था।
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दोनों 13 अगस्त को लखनऊ आईं और सीएम से मिलकर सात आरोपियों की गिरफ्तारी व पढ़ाई का इंतजाम के समेत कई मांग की।
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सीएम ने आश्वासन दिया लेकिन, दो महीने बाद भी कार्रवाई न होने पर रविवार को दोनों बहनें नानी व मामा संग शहर आ गईं।
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सोमवार को सभी सीएम से मिलने पांच कालिदास मार्ग पहुंचे तो बताया गया कि वह लोकभवन में हैं। चारों लोग वहां पहुंचे तो वापस पांच कालिदास मार्ग भेज दिया गया। कई चक्कर लगाने के बावजूद सीएम नहीं मिले। इस बीच गोल्फ क्लब तिराहे पर तानिया और ओमवती देवी बेहोश होकर गिर पड़ीं।