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मायावती ने चंद्रशेखर रावण से बनाई दूरी, बुआजी कहे जाने पर दिया जवाब, यहां पढ़ें- पांच बड़ी बातें

Sun, 16 Sep 2018 02:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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चंद्रशेखर व मायावती। - फोटो : amar ujala
बसपा सुप्रीमो मायावती ने चंद्रशेखर रावण द्वारा खुद को 'बुआजी' कहे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से मेरा कोई रिश्ता नहीं है। ये लोग दलितों के शुभचिंतक नहीं है। दलितों का शुभचिंतक वही है जो बसपा के झंडे तले आकर काम करे। आपको बता दें कि भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने जेल से बाहर आने के बाद मायावती को प्रेस वार्ता के दौरान बुआजी कहकर संबोधित किया था। जिसका जवाब मायावती ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर दिया।
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मायावती प्रेस कांफ्रेंस में केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर बरसीं। कहा कि जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे भाजपा जनता का ध्यान बंटाने के लिए नए-नए तरीके अपना रही है। यहां तक कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तक को नहीं बख्शा। उनकी मौत के बाद भाजपा इसे भी भुनाने का प्रयास कर रही है। मायावती ने कहा कि अटल जी के जीते जी तो भाजपा ने कभी उनके पदचिन्हों पर चलने की कोशिश नहीं की पर अब उनकी मौत को भुनाने की कोशिश कर रही है।
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- फोटो : amar ujala
बसपा सुप्रीमो ने भाजपा पर ओबीसी व एससी-एसटी वर्ग से भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खाली पड़े पदों पर भर्तियां नहीं कर रही बस महापुरुषों का नाम लेकर युवाओं को बहलाने का प्रयास कर रही है। इसे लेकर जनता में भाजपा के प्रति भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि दो अप्रैल को एससी-एसटी एक्ट को लेकर हुए भारत बंद में प्रदर्शन कर रहे अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के युवाओं को जेल में डाल दिया गया। इससे भाजपा का पिछड़ा व दलित विरोधी चेहरा ही सामने आया है।

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मायावती ने कहा कि भाजपा के लोग दोहरे चालचरित्र वाले लोग हैं। इनकी कथनी व करनी में बहुत अंतर है। इसलिए इन पर भरोसा करना अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसी बात है। वहीं, भाजपा द्वारा दलित शब्द के प्रयोग पर आपत्ति दर्ज कराने पर मायावती ने कहा कि हमारे संविधान में हमारे देश का नाम भारत है, पर आरएसएस व भाजपा के लोग इसे हिंदुस्तान भी कहते हैं। जब उन्हें देश को हिंदुस्तान कहने से आपत्ति नहीं है तो अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को दलित कहने से क्यों शिकायत है। जबकि आम बोलचाल की भाषा में एससी-एसटी वर्ग के लिए दलित शब्द का ही इस्तेमाल किया जाता है।
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- फोटो : amar ujala
यूपी में महागठबंधन करने पर मायावती ने जवाब दिया कि हम किसी भी चुनाव में किसी भी प्रदेश में किसी से भी गठबंधन के लिए तैयार हैं बशर्ते हमें सम्मानजनक सीटें मिलें, नहीं तो हम अकेले ही चुनाव लड़ेंगे। वहीं, अभी हाल ही में जेल से छूटे भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर द्वारा उन्हें 'बुआजी' कहे जाने पर मायावती ने जवाब दिया कि मेरा मतलब दलित, आदिवासी, पिछड़ी जाति के लोगों व आम जनता से है। बाकी किसी से मेरा कोई संबंध नहीं।
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