अटल बिहारी वाजपेई का यूपी से गहरा नाता है। आज उनके जन्मदिन पर देखें कुछ अनदेखी तस्वीरें और कुछ अनसुने किस्से...
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B'Day Special: जब घोड़ी पर बैठे अटल, जमीन पर खाया खाना
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अटल बिहारी वाजपेयी जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं। बलरामपुर से उन्होंने अपना संसदीय सफर शुरू किया। इस दौरान उन्होंने कभी जमीन पर बैठकर खाना खाया, जीप में खुद धक्का लगाया। एक बार तो वह घोड़ी से जनसभा पहुंचे। यहां हैं यूपी में बिताए यादगार लमहों की झलक...
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B'Day Special: जब घोड़ी पर बैठे अटल, जमीन पर खाया खाना
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तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी का संसदीय सफर बलरामपुर से शुरू हुआ था। दरअसल 1957 में जनसंघ के टिकट पर अटल ने मथुरा, लखनऊ और बलरामपुर से चुनाव लड़ा था।
B'Day Special: जब घोड़ी पर बैठे अटल, जमीन पर खाया खाना
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गोंडा में 1962 के लोकसभा व विधानसभा चुनाव में सादुल्लाहनगर विधानसभा से विजयी जनसंघ के पहले विधायक अवध नारायन सिंह के साथ अटल बिहारी वाजपेयी।
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बलरामपुर में वर्ष 1957 में लोकसभा चुनाव के दौरान अपने साथियों के साथ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी।
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बलरामपुर में वर्ष 1957 के दौरान पंडित रामदुलारे मिश्र के परिवार के साथ फोटो खिंचवाते अटल बिहारी वाजपेयी।
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बलरामपुर में वर्ष 1957 के दौरान जनसंघ कार्यकर्ताओं के साथ लोकसभा चुनाव में मंत्रणा करते अटल बिहारी वाजपेयी व अन्य।
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बलरामपुर संसदीय क्षेत्र से प्रतिनिधित्व के समय गोंडा के टाउन हाल में जनसंघ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते अटल बिहारी वाजपेयी।
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अटल का व्यक्तित्व और ओजस्वी भाषण लोगों को बरबस ही खींच लाता था। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष लाटबक्श सिंह बताते हैं कि प्रचार के दौरान अटल अपने सहयोगियों के साथ जमीन पर पंगत में बैठकर खाना खाते थे।
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वहीं 1957 के चुनाव के दौरान अटल चौखड़ा गांव में रात्रि विश्राम कर रहे थे। रातभर मूसलाधार बारिश हुई तो रास्तों में पानी भर गया। सुबह उन्हें उतरौला और रेहरा बाजार में चुनावी सभा को संबोधित करना था। ड्राइवर ने कहा, कीचड़ में गाड़ी नहीं चल सकेगी। तब पालकी का इंतजाम किया गया। अटल ने पालकी में बैठने से इन्कार कर दिया और एक परिचित की घोड़ी पर चढ़कर वहां पहुंचे और जनसभा को संबोधित किया।