तीन मासूम बच्चों के एक साथ पड़े शव देख शुक्रवार को लोगों का दिल दहल गया। 11 वर्षीय पोयम व आठ वर्षीय कोयना तथा छह साल का बबल लखनऊ के जयपुरिया स्कूल में पड़ते थे। तीनों बच्चे अपने माता-पिता के दुलारे थे। पिता विवेक उन्हें प्रतिदिन कार से स्कूल पहुंचता और फिर वापस लाता था।
विज्ञापन
2 of 5
barabanki family murder
- फोटो : अमर उजाला।
घटनास्थल पर जमा लोग समझ न पा रहे थे कि ऐसा क्या हुआ जिससे तीनों बच्चों को मारने के बाद पिता ने भी जान दे दी। अनामिका शुक्ला और उसकी दोनों पुत्री पोयमा व कोयना के शव एक बेड पर खून में सने पड़े थे। दूसरे कमरे में बेड पर बेटे बबल का शव पड़ा था।
विज्ञापन
3 of 5
मृतक विवेक की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आंगन के जाल से विवेक का शव लटक रहा था। बच्चों के साथ उनकी मां अनामिका के शव सड़ने लगे थे जिससे मकान में दुर्गंध फल चुकी थी। इससे माना जा रहा है कि घटना कई दिन पहले हुई।
4 of 5
barabanki family murder
- फोटो : अमर उजाला।
लेकिन विवेक का शव में सड़न नहीं थी। माना जा रहा है कि पत्नी व बच्चों की मौत के बाद विवेक फंदे से लटका। मृतक के भाई ने बताया कि अंतिम बार बुधवार को विवेक को देखा था।
कर्ज व आर्थिक तंगी से परेशान एक शख्स ने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या कर खुद भी जान दे दी। बाराबंकी में लखनऊ हाईवे किनारे सफेदाबाद गांव में शुक्रवार को एक मकान के अंदर इनके शव मिले। पति का शव फंसे से लटका था। पत्नी व तीन बच्चों के शव दो अलग-अलग कमरों में बिस्तर पर पड़े मिले। मौके पर मिले सुसाइड नोट में कर्ज से दबे होने की बात लिखी है।