अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देश-दुनिया से इतर यहां के मुसलमान भी अपने लिए संभावनाओं से भरा मान रहे हैं। मंदिर बनने से ही यह नगरी पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित होगी। व्यापार, बाजार और रोजगार के अवसरों को फलने-फूलने का पूरा मौका मिलेगा। सबसे बड़ी बात कानून-व्यवस्था के नाम पर बरसों से झेल रहे किचकिच का भी सामना करना नहीं पड़ेगा।
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अयोध्या में खुली दुकान
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद हनुमान गढ़ी के पास एक गली में कार्पेंटर शानू खां और राजेश मिश्रा आपस में बतियाते हुए मिले। राजेश आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली अपनी कंपनी के कुछ उत्पाद शानू को बेचने आए थे। शानू कहते हैं-देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां भव्य राममंदिर का निर्माण जरूरी है। जिस तरह से मुसलमान मक्का-मदीना और ईसाई वेटिकन सिटी आते हैं, उसी तरह हिंदुओं का यह अंतर्राष्ट्रीय तीर्थस्थल हो जाएगा। जाहिर है बाहरी लोगों के आने से हमारे यहां रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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कोर्ट के फैसले के बाद काशी में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की झलक।
- फोटो : अमर उजाला
नया घाट पर मिले मो. अशफाक कहते हैं कि अभी तक लोगों के मन में यही आशंका रहती थी कि पता नहीं कब अयोध्या में विवाद हो जाए। इसलिए वे इसे अशांत क्षेत्र मानते हुए बच जाते थे। अक्सर ही प्रशासन भी फसाद मात्र की आशंका में ही यहां का बाजार बंद करा देता था। इससे स्थानीय व्यापार को तो झटका लगता ही था, वहीं बाहर से बड़े उद्यमी भी यहां निवेश केलिए आना पसंद नहीं करते थे।
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अयोध्या में चहल-पहल
- फोटो : अमर उजाला
नया घाट पर ही मिले आसिफ विगत 25-30 साल से संतों के लिए खड़ाऊ बना रहे हैं। आसिफ हंसते हुए कहते हैं कि मंदिर बनने से यहां संतों का जमावड़ा बढ़ेगा। बाहर से भी लोग खड़ाऊं खरीदने आएंगे। अब आप ही समझ लीजिए इससे हमें फायदा होगा या नुकसान। रही बात मस्जिद की तो उसके लिए भी जमीन मिल ही गई है।
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अयोध्या
- फोटो : amar ujala
अयोध्या के मुख्य बाजार में अजय पांडे की रंग-बिरंगी और तरह-तरह की डिजाइन वाली घड़ियों की दुकान है। कहते हैं-हम तो बरसों से यही दुआ मनाते चले आ रहे थे कि किसी तरह से भी फैसला आ जाए। रोज की झिकझिक बंद हो। कम से कम अब प्रशासन दुकानें तो बंद नहीं कराएगा। व्यापार पर तो इसका खराब असर नहीं पड़ेगा। अधिवक् ता वामदेव मिश्रा और आलोक मिश्रा भी उनसे सहमति जताते हैं। वामदेव कहते हैं कि विवादित भूमि की ओर जाने वाली सड़कें व गलियां अक्सर ही बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दी जाती थीं। इससे यहां के हिन्दु व मुसलमान, सभी को दिक्कतें होती थीं।
कुल मिलाकर अयोध्या के आम हिन्दू और मुसलमान, दोनों ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत कर रहे हैं। मुसलमान भी मानते हैं कि यहां विवादित स्थान पर मस्जिद बनने पर मुसलमानों केलिए यह स्थान उतना महत्व का कभी नहीं बन सकता था, जितना हिन्दुओं के लिए प्रभु राम का नाम जुड़ा होने के कारण। फैसले से यहां धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जोकि पूरे क्षेत्र की प्रगति का द्वार खोलेगा। युवाओं को भी कहीं पलायन करने की आवश्यकता नहीं रह जाएगी।