मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद मानदेय बढ़ाने की मांग पूरी न होने से नाराज हजारों की संख्या में सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने हजरतगंज चौराहे पर डेरा डाल दिया। पुलिस ने संगठन के नेताओं को गिरफ्तार किया तो प्रदर्शनकारी महिलाओं ने हजरतगंज के चारो ओर की सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकत्रियों पर लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन से पानी की बौछार भी छोड़ी। इसके बावजूद कार्यकत्रियां अपनी जगह से नही हिली। आखिरकार जिलाधिकारी ने नौ नवंबर को कृषि उत्पादन आयुक्त से वार्ता कराने का लिखित आश्वासन दिया लेकिन प्रदर्शनकारी वार्ता कराने पर अड़ी रहीं।
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आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन के आवाहन पर सोमवार को तड़के से ही प्रदेश भर से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष एकत्र होना शुरू हो गई थीं। सुबह 10 बजे तक हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने गांधी प्रतिमा के समक्ष होकर धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं की अगुवाई कर रहीं संगठन की प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी घोषित करने और कार्यकत्रियों का मानदेय 18 हजार रूपये और सहायिकाओं का मानदेय 9 हजार रूपये प्रतिमाह करने सहित अन्य मांगों को लेकर कार्यकत्रियां लक्ष्मण मेला मैदान में 18 सितंबर से धरना दे रही थी। सात अक्टूबर को वार्ता में मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद कार्यकत्रियों ने धरना स्थगित कर दिया। आश्वासन के बावजूद अभी तक मांगे पूरी नही हुई हैं।
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नेताओं की गिरफ्तारी से सड़क पर आ गई कार्यकत्रियां
दोपहर करीब 12 बजे संगठन की प्रदेश अध्यक्ष की अगुवाई में काफी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने भाजपा कार्यालय में घुस कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारी सभी महिलाओं को बलपूर्वक कार्यालय के बाहर खदेड़ कर। प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या, प्रदेश महामंत्री प्रभावती, उपाध्यक्ष उषा मौर्या, जिलाध्यक्ष इंदू वर्मा और जिला महामंत्री क्षमा को पुलिस गिरफ्तार कर हजरतगंज कोतवाली ले गई।
नेताओं की गिरफ्तारी की सूचना पाकर कार्यकत्रियां सड़क पर आ गई। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने विधानसभा जाने वाले दोनों मार्ग और क्राइस्ट चर्च को जाने वाली दोनों सड़क पर कब्जा जमा लिया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने क्राइस्ट चर्च की ओर जाने वाली सड़क से महिलाओं को जबरन हटाकर कैपिटल की ओर कर दिया।
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सड़क जाम कर रही कार्यकत्रियों पर चली लाठियां
सड़क पर डटी महिलाओं को शांत करने के लिये मजबूरन पुलिस ने दोपहर करीब 3:30 बजे गिरफ्तार की गई नेताओं को रिहा कर दिया। शाम करीब 5 बजे को कार्यकत्रियों ने एक बार फिर से क्राइस्ट चर्च कालेज मार्ग को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। इससे सड़क पर भगदड़ मच गई। महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रस्सा लगा कर पीछे धकेलने की कोशिश की तो दोनों ओर से काफी देर तक खीचातानी होती रही। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने सभी महिलाओं को कैपिटल की ओर धकेला।
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शाम को एक बार फिर महिलायें आक्रोशित हो गई और बैरिकेटिंग के बाहर आने की कोशिश करने लगी तो पुलिस ने उन्हें तितर बितर करने के लिये वाटर कैनन से पानी की बौछार छोड़नी शुरू की। महिलायें कुछ देर केलिये सड़क से हट गई। वाटर कैनन में पानी खत्म होते ही महिलाओं ने फिर से सड़क पर कब्जा जमा लिया।
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इसी दौरान पुलिस के अधिकारियों ने संगठन की अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या को जिलाधिकारी के लिखित आश्वासन का हवाला देकर बताया कि नौ नवंबर को कृषि उत्पादन आयुक्त से वार्ता करवाई जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने धरना समाप्त करने का अनुरोध किया लेकिन कार्यकत्रियां वार्ता हुये बगैर सड़क से हटने को तैयार नही हुई।
बैरिकेटिंग आगे बढ़ाने को लेकर फिर शुरू हुआ विवाद
पुलिस अधिकारियों के मनाने के बावजूद जब कार्यकत्रियां धरना समाप्त करने को राजी नही हुई तो रात करीब 7:30 बजे अधिकारियों ने हजरतगंज चौराहे पर जगह बनाने के लिये बैरिकेटिंग को कैपिटल की ओर बढ़ाने का आदेश दिया। पुलिस ने कार्यकत्रियों को थोड़ा पीछे होने के लिये कहा तो कार्यकत्रियां उत्तेजित हो गई और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बैरिकेटिंग को लेकर धक्कामुक्की शुरू हो गई। काफी मुश्किलों से पुलिस ने बैरिकेटिंग को आगे बढ़ाया।