सपा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि अगर परिवार में झगड़ा न होता तो सपा का कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होता। उन्होंने कहा, ऐसे हालात बन गए थे कि मजबूरी में कांग्रेस से गठबंधन करना पड़ा। कुछ खास परिस्थितियों में ऐसा हुआ है। एक अखबार को दिए इंटरव्यू में अखिलेश ने यह खुलासा किया।
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- फोटो : self
अखिलेश से जब पूछा गया कि अगर परिवार में कलह नहीं हुआ होता तो क्या सपा और कांग्रेस का गठबंधन होता? उनका जवाब था- हो सकता है तब यह होता ही नहीं। अगर परिवार में झगड़ा और कुछ राजनीतिक फैसले नहीं किए गए होते तो यह गठबंधन कभी नहीं हो पाता। झगड़ा नहीं होता तो कई फैसले नहीं करने पड़ते।
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इसमें गठबंधन भी शामिल हो सकता था। लेकिन ऐसे हालात बन गए कि हमें कांग्रेस के साथ आना ही पड़ा। हमें यूपी के लोगों को यह संदेश देना था कि विकासशील सरकार वापस लौट सकती है। जब दो युवा नेता साथ आए तो लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं।
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अखिलेश यादव ने कहा, हम कांग्रेस के साथ गठबंधन करके खुश हैं। गठबंधन के नतीजे अच्छे रहेंगे। जब भी कांग्रेस कमजोर पड़ी है, तभी समाजवादी उनके करीब मिले हैं। कई बार कांग्रेस के साथ सपा के मतभेद भी हुए हैं लेकिन समाजवादी लोगों को यह भी याद रखना चाहिए कि वे सभी कांग्रेस के ही प्रॉडक्ट हैं। उस समय कांग्रेस एकमात्र विपक्षी पार्टी हुआ करती थी। अगर कोई पार्टी सत्ता में है तो उसे उसी के खिलाफ लड़ना होता था। लेकिन अब समय बदल गया है। अब देश की धर्म निरपेक्षता को बचाने के लिए राजनीतिक एकजुटता की जरूरत है।
सीएम ने कहा, राहुल गांधी से उनकी केमिस्ट्री बहुत अच्छी है। हम दोनों एक उम्र के हैं और एक तरह सोचते हैं। राहुल गांधी चाहते हैं कि देश और सूबे का विकास हो, हम भी ऐसा ही चाहते हैं। इस तरह के गठबंधन की जरूरत कब महसूस हुई? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कई बार समय और परिस्थितियां तय करती हैं कि आप किसके साथ गठबंधन करें।