सपा के वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार शाम अखिलेश यादव से उनके कालीदास मार्ग स्थित आवास पर मुलाकात की और उनसे कहा- एक हो जाओ। मुख्यमंत्री ने कहा, मैंने ईमानदारी से काम किया है। साढ़े चार साल वही किया जो नेताजी ने कहा। मेरे साथ कौन न्याय करेगा।
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अखिलेश यादव ने वरिष्ठ नेताओं से कहा कि सभी बड़े फैसले नेताजी की सहमति से लिए गए हैं। अधिकारी उनके कहने पर लगाए गए। मंत्रियों को उन्होंने हटवाया, उन्होंने ही वापस करा दिया। मुख्य सचिव को भी उन्होंने हटवाया और अगले ही दिन वापस लेने के लिए कहने लगे। नेताजी की हर बात को निभाया। हमेशा संतुलन बनाकर काम किया।
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साढ़े चार साल मेहनत की, पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया। अब क्या स्थिति है, आप सभी देख रहे हैं। कहा, मेरे साथ अन्याय हुआ है, मेरे साथ कौन न्याय करेगा।
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मामूली बात पर मुझ पर साधा निशाना
बेनी प्रसाद और रेवती रमण ने अखिलेश के सामने नेताजी से हुई बातचीत का ब्यौरा रखा। कहा कि वे दुखी है, पार्टी में अलगाव नहीं होना चाहिए। सीएम ने कहा कि गड़बड़ियां कहां से हुई हैं? अमर सिंह की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों के कहने पर फैसले होंगे तो स्थितियां खराब होंगी ही।
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सरकार बनने पर जवाबदेही किसी व्यक्ति के प्रति नहीं, नहीं विधायकों और जनता के प्रति होती है। मैंने इसे निभाने की पूरी कोशिश की। मामूली बातों को लेकर मुझ पर निशाना साधा गया।
वरिष्ठ नेता अब रविवार को फिर नेताजी से मिलेंगे। उन्हें अखिलेश के साथ हुई बातचीत का ब्यौरा देंगे। उनकी कोशिश है कि पार्टी में सुलह हो जाए और 2017 में पार्टी एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरे।