सपा के रजत जयंती कार्यक्रम में सीएम अखिलेश व शिवपाल के बीच सबकुछ सामान्य दिखा। वो नाराजगी भूलकर आपस में हंसी-मजाक करते दिखे। उनके दिल आपस में मिले या नहीं ये तो वक्त की बताएगा।
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इस दौरान वो आपस में गंभीर चर्चा करते भी दिखे। हालांकि, भाषण में शिवपाल का दर्द उभर आया और उन्होंने खुलकर अपना दुखड़ा कार्यकर्ताओं के सामने रखा।
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शिवपाल ने कहा मुझे सीएम नहीं बनना कभी भी नहीं बनना। जितना त्याग मांगोगे करूंगा, खून मांगोगे खून भी दूंगा।
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उन्होंने कहा कि मुझे भले ही कितनी बार भी बर्खास्त कर लेना पर मैं पीछे हटने वाला नहीं। मैंने चार सालों में सरकार को अच्छे से चलाने में पूरी मदद की।
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उन्होंने अपने भाषण में अपने विभाग की उपलब्धियां गिनवाई। कहा कि पीड्ब्ल्यूडी और मेरे विभागों में आपके विभागों से कम अच्छा काम नहीं हुआ है। सिंचाई में राजस्व संहिता 26 साल से लागू नहीं हो रही थी। अधिकारियों ने रोड़े लगाए थे, जो काम तीन महीने में होना था उसमें सालों लग रहे थे। दो साल में 40 तहसीलें बनाई। 50 सहकारी में 25 बांक्स बंद हो रही थीं मैंने उसे बचाया।
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जल संसाधन विभाग में पता कर लेना 3500 तालाब खुदवाए जहां लबालब पानी है। उन्होंने कहा, हमारे बीच में घुसपैठिए हैं पर उनसे सावधान रहने की ज़रूरत। चाहे जितना अपमान कर लेना मुझे बर्खास्त कर लेना पर नेता जी का अपमान हुआ तो बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता आए हुए हैं।
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शिवपाल ने ये भी कहा कि एक दिन मैंने कहा था की कुछ लोगों को भाग्य से मिलता है कुछ को मेहनत से। कुछ लोगों ने ज़रा सी चापलूसी कर ली इन्होंने सरकार का पूरा मज़ा लिया और कुछ संघर्ष करते रह गए।
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जनेश्वर मिश्र पार्क में कार्यक्रम के दौरान मौजूद सपा समर्थक।