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ग्राउंड रिपोर्ट: आंखों में सुकून व चमक लेकर घर लौटे 2311 प्रवासी मजदूर, बोले- अब न जाएंगे परदेस

Wed, 06 May 2020 06:47 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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स्पेशल ट्रेन से चारबाग पहुंचे कामगार। - फोटो : amar ujala
लॉकडाउन के चलते महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों में फंसे श्रमिकों को घर पहुंचाने का प्रदेश सरकार का अभियान जारी है। इसी क्रम में महाराष्ट्र के अंकोला और गुजरात के वड़ोदरा से 2311 कामगार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से लखनऊ पहुंचे। यहां से इन्हें 104 बसों से इनके गृह जनपद भेजा गया। आंखों में सुकून व चमक लेकर घरों की ओर रवाना हुए इन कामगारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। 
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सत्यपाल व उनका परिवार। - फोटो : amar ujala
आजमगढ़ के सत्यपाल अपनी पत्नी व दो बच्चों संग बड़ोदरा से चारबाग स्टेशन पहुंचे। सत्यपाल ने बताया कि सरकार न सिर्फ उन्हें घर पहुंचा रही है, बल्कि रास्ते में खाने-पीने का इंतजाम भी कर रही है। मुख्यमंत्री के प्रयास से गुजरात में फंसे हजारों श्रमिकों में घर पहुंचने की आस जगी है। गुजरात के बड़ोदरा, सूरत सहित कई शहरों में फंसे परेशानी झेल रहे कामगार हर हाल में अपने गांव पहुंचना चाहते हैं। इसी प्रकार वड़ोदरा से ही आए लाल खान व इमरान ने बताया कि वहां से भूखे ही चले थे। ट्रेन में खिचड़ी खाकर राहत मिली। लखनऊ में पता चला कि परिवहन निगम की बस निशुल्क गृह जनपद पहुंचाएगी।
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- फोटो : amar ujala
दर्जनभर जिलों के लिए भेजीं बसें
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर के मुताबिक, महाराष्ट्र के अंकोला और गुजरात के वड़ोदरा से आने वाले श्रमिकों को रवाना करने के लिए सुबह से ही अधिकारी और कर्मचारी चारबाग स्टेशन पर मुस्तैद थे। महाराष्ट्र से स्पेशल ट्रेन सुबह नौ बजे व गुजरात से शाम 5 बजे श्रमिक स्पेशल ट्रेन लखनऊ पहुंची। दोनों ट्रेनों से आए कुल 2311 लोगों को 104 बसों से गृहजनपद भेजा गया। इनमें अंकोला से आए 1195 लोगों को 54 बसों से व वड़ोदरा से आए 1116 लोगों को 50 बसों से भेजा गया। बसें जालौन, कन्नौज, प्रयागराज, फर्रुखाबाद, कानपुर गोरखपुर, जौनपुर, हरदोई, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, सीतापुर, आजमगढ़, बस्ती, प्रतापगढ़, जौनपुर, हरदोई फतेहपुर, शाहजहांपुर, बरेली भेजी गईं। 
 

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- फोटो : amar ujala
रोजी-रोटी के लिए परदेस जाने वालों को लॉकडाउन के दिनों में ऐसा दर्द मिला कि उन्होंने अब दोबारा परदेस जाने से ही तौबा कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी के प्रयास से वापस बुलाए जा रहे प्रवासी कामगारों की कड़ी में मंगलवार को गुजरात से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लखनऊ पहुंचे प्रवासियों के चेहरे पर दिखा संतोष यह बयां करने के लिए काफी था कि उन्होंने परदेस में कितना संकट झेला है। मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कामगारों ने संकल्प लिया कि अब घर पर रहकर ही रोजी-रोटी का जुगाड़ करेंगे। 

 
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नागेंद्र सिंह। - फोटो : amar ujala
अब नहीं जाऊंगा गुजरात
लॉकडाउन के दौरान गुजरात में 42 दिन जो परेशानी झेली, वह जीवन भर याद रहेगी। पानी पुरी बेच करके परिवार का भरण पोषण कर रहे थे लेकिन अब पलट कर दोबारा गुजरात नहीं जाएंगे। जौनपुर में ही रह कर नए सिरे से धंधे की शुरुआत करेंगे। - नागेंद्र सिंह, जौनपुर   

 
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सर्वेश। - फोटो : amar ujala
सीएम का रहूंगा आभारी
गुजरात के बड़ौदा में फूल बेचकर धंधा कर रहा था। इससे होने वाली कमाई से गांव के परिवार की रोटी चल रही थी।  लेकिन लॉकडाउन के सवा महीने में जीवन नर्क बन गई। मुख्यमंत्री का पूरे जीवन आभारी रहूंगा, जिनके प्रयास से परिवार तक पहुंच जाऊंगा। - सर्वेश, सुल्तानपुर 


 
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सोनू। - फोटो : amar ujala
घर पर ही करूंगा काम
रोजी रोटी की तलाश में गुजरात के बड़ौदा शहर पहुंच गया। वहां कोई काम नहीं मिल सका तो बीड़ी पान बेचने का खोखा रख लिया, जो चल पड़ा, लेकिन लॉकडाउन से सब उजड़ गया। जो पूंजी थी वह सवा महीने में खत्म हो गई। अब घर पर ही काम करूंगा, भले ही यहां खोखा रखना पड़े। - सोनू, हरदोई
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