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आज का योग: मन से नकारात्मकता को दूर करने में सहायक हैं यह योगासन, रोज कीजिए इनका अभ्यास

Sat, 04 Dec 2021 11:54 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नकारात्मक विचारों को कैसे दूर करें? - फोटो : Pixabay
समाज में फैली अनिश्चितता, काम के दवाब, पारिवारिक-सामाजिक समस्याओं के कारण मौजूदा समय में लोगों में कई तरह की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का निदान किया जा रहा है। मन में हमेशा नकारात्मक विचारों का आना भी ऐसी ही एक समस्या है जिससे लोग अक्सर परेशान रहते हैं। इस तरह के विचार लोगों में अंसतोष, काम करने के इच्छा में कमी, डर और तनाव जैसी समस्याओं को बढ़ावा दे सकते हैं। लंबे समय तक ऐसी समस्याओं का बने रहना सामान्य जीवन की गतिविधियों को भी बाधित कर सकता है।

अगर आप भी अक्सर मन में आने वाली नकारात्मक विचारों से परेशान हैं तो इसके लिए योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। योग के माध्यम से न सिर्फ इस तरह के ख्यालों को कम किया जा सकता है साथ ही यह मन में सकारात्मकता का संचार भी करते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में जानते हैं। 
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शीर्षासन योग के लाभ - फोटो : iStock
शीर्षासन योग का अभ्यास
योग विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना शीर्षासन योग का अभ्यास करना शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। शीर्षासन योग मस्तिष्क में रक्त के संचार को बढ़ावा देने के साथ सिरदर्द और तनाव जैसी समस्याओं को दूर कर सकता है। मस्तिष्क में सकारात्मकता के संचार के लिए भी इस योगासन को विशेष लाभदायक माना जाता है।
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ब्रिज पोज योग के लाभ - फोटो : iStock
सेतुबंधासन
तनाव-चिंता और नकारात्मकता जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए रोजाना सेतुबंधासन योग का अभ्यास करना विशेष लाभदायक हो सकता है। मस्तिष्क को शांत रखने के साथ कमर दर्द, पीठ और टखनों के दर्द को कम करने में भी इस योगासन के अभ्यास को काफी लाभदायक माना जाता है।
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प्राणायाम का अभ्यास है लाभदायक - फोटो : iStock
प्राणायाम का करिए नियमित अभ्यास
मानसिक शांति और आंतरिक ऊर्जा के स्तर को बढ़ावा देने के लिए प्राणायाम के विभिन्न योगाभ्यासों को किया जा सकता है। मन से नकारात्मक ख्यालों को दूर करने के साथ तनाव-चिंता दूर करने में इस योगासन के अभ्यास को लाभदायक माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि प्राणायाम का अभ्यास सेरोटेनिन यानी कि फील गुड हार्मोन के स्तर को बढ़ावा देने में भी सहायक है।


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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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