शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए तंत्रिकाओं का स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। शरीर में होने वाली हर प्रकार की प्रतिक्रियाओं, एहसास और कुछ करने के लिए दिमाग से मिलने वाले संकेत में तंत्रिकाओं की विशेष भूमिका होती है, हालांकि पिछले कुछ वर्षो में इससे संबंधित समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। हाथ और पैर का अक्सर कांपते रहना, सिर और चेहरे में लगातार दर्द, हाई ब्लड प्रेशर आदि न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के कुछ शुरुआती लक्षण हैं। इस तरह की स्थितियों के लिए हमारी जीवनशैली की गड़बड़ी को एक प्रमुख कारण मान सकते हैं।
नसें हमारे शरीर में तारों की तरह काम करती हैं। शरीर में क्या हो रहा है, इसके बारे में ये मस्तिष्क को जानकारी प्रसारित करती हैं। जब ये नसें ठीक से काम करना बंद कर देती हैं, तो इससे मस्तिष्क का शरीर के अन्य हिस्सों पर नियंत्रण कम होने लगता है। नसों की यह समस्या कई बार अस्थायी होती है तो कुछ स्थितियों में यह जीवन भर बनी रह सकती है।
योग विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ योगासन और प्राणायाम ऐसे हैं जो तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने में बहुत प्रभावी पाए गए हैं। इनका नियमित अभ्यास करना आपके शरीर के लिए बहुत लाभकारी हो सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।