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Yoga Tips: स्ट्रोक के कारण हर साल लाखों की हो जाती है मौत, इन योगासनों के अभ्यास से कम कर सकते हैं जोखिम

Tue, 22 Nov 2022 11:34 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्ट्रोक से बचाव के लिए नियमित योग करें? - फोटो : Pixabay
स्ट्रोक, वैश्विक स्तर पर एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के रूप में जाना जाता है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। स्ट्रोक को ब्रेन अटैक भी कहा जाता है। मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति अवरुद्ध होने या फिर मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं के फटने के कारण स्ट्रोक हो सकता है। स्ट्रोक के कारण ब्रेन डैमेज, विकलांगता, कोमा या फिर गंभीर स्थितियों में मृत्यु भी हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहने चाहिए। स्ट्रोक की स्थिति मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं में होने वाली दिक्कतों के कारण होती है, ऐसे में इसे मजबूती देकर स्ट्रोक के जोखिम को कम किया जा सकता है।

स्ट्रोक से बचाव के लिए इसके कारकों जैसे रक्तचाप, ब्लड प्रेशर पर वाहिकाओं में होने वाले तनाव को कम किया जाना आवश्यक होता है, इसके लिए दिनचर्या में कुछ प्रकार के योगासनों को शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। 
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बालासन योग से होने वाले लाभ - फोटो : istock
बालासन योग का करें अभ्यास

बालासन योग कई प्रकार से सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है, इससे तंत्रिकाओं को आराम मिलता है जिससे स्ट्रोक के जोखिम को कम किया जा सकता है। बालासन योग रक्तचाप को कम करने में भी सहायक अभ्यास है, हाई ब्लड प्रेशर के कारण स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस योग का अभ्यास पीठ, गर्दन और कंधों से तनाव को दूर करने में मदद करती है। बालासन, मस्तिष्क को भी आराम देने का अभ्यास है जिससे तंत्रिकाओं के विकारों का जोखिम कम होता है।
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विपरीत करणी योग के फायदे - फोटो : Istock
विपरीत करणी आसन से लाभ

विपरीत करणी आसन को न्यूरॉन्स को उत्तेजित करने में मददगार बताया गया है। चिंता के लक्षणों को कम करने के लिए प्रभावी यह योग आसन पीठ के निचले हिस्से में दर्द से भी राहत देता है। दीवार के सहारे पैरों को ऊपर उठाने वाले इस योग मुद्रा से रक्त का संचार ठीक रहता है। तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने के अलावा यह योग आसन शरीर के अंदर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। यह आपके कंधों और ऊपरी शरीर को ताकत प्रदान करने में भी मदद करता है।
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वृक्षासन योग से तंत्रिकाओं को लाभ - फोटो : istock
वृक्षासन योग की बनाएं आदत

वृक्षासन योग (ट्री पोज़) ऐसी योग मुद्रा है जो पैरों में स्थिरता को बेहतर बनाने में मदद करती है। इस योग मुद्रा से सांसों को सुचारू बनाने, मन को शांत करने और ध्यान केंद्रित करने में भी मदद मिलती है। ट्री पोज़ के अभ्यास से तंत्रिकाओं को भी आराम मिलता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है, ऐसे में यह अभ्यास स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों से बचाने में आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकती है।



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नोट:
यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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