योगासनों के नियमित अभ्यास की आदत बनाना संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकता है। सिर से पैर तक, मांसपेशियों-हड्डियों को स्वस्थ रखने और रक्त के संचार को ठीक रखने के लिए विशेषज्ञ योगासनों को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्ट्रोक के खतरे को कम करने में भी योग के अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। स्ट्रोक को भारत में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) के बाद मृत्यु का दूसरा सबसे आम कारण माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किसी भी उम्र के व्यक्ति को स्ट्रोक हो सकता है, इस खतरे से बचाव के उपाय करते रहना सभी के लिए आवश्यक है, योग इसमें अच्छा विकल्प हो सकता है। स्ट्रोक के जोखिमों के बारे में लोगों को अलर्ट करने और इससे बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 29 अक्तूबर को वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जाता है।
योग विशेषज्ञ बताते हैं योग की मदद से स्ट्रोक के कारकों जैसे मोटापा, रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल रखा जा सकता है। सभी उम्र के लोगों को दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना चाहिए जिससे इस जानलेवा विकार के खतरे को कम किया जा सके। आइए जानते हैं कि किन योगासनों की मदद से स्ट्रोक के जोखिमों को कम करने में सहायता मिल सकती है?