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Yoga Tips: World Stroke Day पर जानिए, किन योगासनों की मदद से इस जानलेवा समस्या के जोखिम को कर सकते हैं कम?

Sat, 29 Oct 2022 11:47 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्ट्रोक से बचाने वाले योगासन - फोटो : istock
योगासनों के नियमित अभ्यास की आदत बनाना संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकता है। सिर से पैर तक, मांसपेशियों-हड्डियों को स्वस्थ रखने और रक्त के संचार को ठीक रखने के लिए विशेषज्ञ योगासनों को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्ट्रोक के खतरे को कम करने में भी योग के अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। स्ट्रोक को भारत में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) के बाद मृत्यु का दूसरा सबसे आम कारण माना जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किसी भी उम्र के व्यक्ति को स्ट्रोक हो सकता है, इस खतरे से बचाव के उपाय करते रहना सभी के लिए आवश्यक है, योग इसमें अच्छा विकल्प हो सकता है। स्ट्रोक के जोखिमों के बारे में लोगों को अलर्ट करने और इससे बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 29 अक्तूबर को वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जाता है।

योग विशेषज्ञ बताते हैं योग की मदद से स्ट्रोक के कारकों जैसे मोटापा, रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल रखा जा सकता है। सभी उम्र के लोगों को दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना चाहिए जिससे इस जानलेवा विकार के खतरे को कम किया जा सके। आइए  जानते हैं कि किन योगासनों की मदद से स्ट्रोक के जोखिमों को कम करने में सहायता मिल सकती है? 
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पद्मासन योग के लाभ - फोटो : Pixabay
पद्मासन योग से स्ट्रोक में लाभ

पद्मासन योग को एकाग्रता, मानसिक नियंत्रण और स्थिरता में सुधार लाने वाले अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। तंत्रिका से संबंधित विकारों को दूर करने और मस्तिष्क में रक्त के संचार को ठीक रखने में इस योग से लाभ पाया जा सकता है। पद्मासन योग रक्तचाप और तनाव जैसी स्थितियों को कंट्रोल करने वाला अभ्यास है जिससे स्ट्रोक के जोखिमों से भी बचाव किया जा सकता है। पेट संबंधी कई बीमारियों में भी इस योगासन के लाभ देखे गए हैं। 
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भुजंगासन योग करने के लाभ - फोटो : Istock
भुजंगासन योग का करिए अभ्यास

भुजंगासन योग को मस्तिष्क और तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने वाले लाभकारी योगासनों में से एक माना जाता है। यह योगासन तनाव के स्तर को कम करने और रक्तचाप को कंट्रोल करने का भी एक बेहतर अभ्यास हो सकता है। स्ट्रोक के कारकों से बचाव के लिए नियमित रूप से इस योगासन का अभ्यास करना आपको विशेष लाभ प्रदान कर सकता है। इस आसन से पाचन को बढ़ावा देने में भी मदद मिलती है। गैस की समस्या, हार्ट बर्न और एसिडिटी को कम करने में भी इस अभ्यास के लाभ पाए गए हैं।
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उष्ट्रासन योग करने से होने वाले फायदे - फोटो : Istock
उष्ट्रासन योग की बनाएं आदत

हृदय, रीढ़ और फेफड़ों की लोच में सुधार के साथ-साथ यह आसन शरीर में रक्त के संचार को बेहतर बनाने में भी सहायक है। तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने और मांसपेशियों की कठोरता को कम करते हुए शरीर के लचीलेपन को बढ़ावा देने में भी इस योग के लाभ हो सकते हैं।  यह आसन मिर्गी, तनाव और मस्तिष्क से संबंधित विकारों को कम करने में भी आपके लिए सहायक है। स्ट्रोक के खतरे से बचे रहने के लिए नियमित रूप से इस योग के अभ्यास की आदत बनाएं। 


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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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