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आज का योग टिप्स: विश्व अस्थमा दिवस पर जानिए- किन आसनों की मदद से इस गंभीर समस्या से कर सकते हैं बचाव?

Tue, 03 May 2022 11:15 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अस्थमा को कैसे ठीक किया जा सकता है? - फोटो : Pixabay
वायुमार्ग में सूजन के कारण होने वाली अस्थमा की समस्या आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है। अस्थमा रोगियों के लिए कुछ स्थितियों में सामान्य रूप से सांस लेना काफी कठिन हो जाता है। इन स्थितियों में त्वरित उपचार की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ ऐसे रोगियों को नियमित रूप से ट्रिगर करने वाली चीजों से बचाव करते रहने की सलाह देते हैं। जिन लोगों को अस्थमा की दिक्कत होती है उन्हें आहार, जीवनशैली और दिनचर्या का विशेष ध्यान रखना आवश्यक हो जाता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक दिनचर्या में योग-व्यायाम को शामिल करना, अस्थमा से बचाव में आपकी मदद कर सकता है। कई योगासन वायुमार्ग को खोलने और फेफड़ों को स्वस्थ रखने में आपकी मदद कर सकते हैं, जिससे अस्थमा की स्थिति में लक्षणों को गंभीर रूप लेने से बचाया जा सकता है।

योग विशेषज्ञों के मुताबिक यदि आप रोजाना सांस वाले अभ्यास करते हैं तो आगे चलकर अस्थमा या सांस की समस्या होने का जोखिम भी कम हो जाता है। सांस के इस गंभीर रोग से बचाव और रोकथाम के लिए दिनचर्या में योग अभ्यास को शामिल करना विशेष मददगार हो सकते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में जानते हैं।
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अस्थमा के लिए योगासन - फोटो : Pixabay
नियमित रूप से प्राणायाम का अभ्यास

अस्थमा रोगियों के लिए प्राणायाम का अभ्यास करना विशेष लाभकारी हो सकता है। वायुमार्ग को शुद्ध करने और इसके सूजन को कम करने के लिए कपालभाति के साथ भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास आपके लिए विशेष फायदेमंद हो सकता है। ये अभ्यास आपके फेफड़ों की ताकत बढ़ाने के साथ सांस लेने को सहज बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं। प्राणायाम के नियमित अभ्यास की आदत अस्थमा को ट्रिगर करने वाले कारकों को कम करने में आपके लिए सहायक है।
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भुजंगासन योग है लाभकारी - फोटो : Istock
कोबरा पोज का अभ्यास

अस्थमा रोगियों की जटिलताओं को कम करने में कोबरा पोज या भुजंगासन योग के अभ्यास की आदत आपके लिए विशेष मददगार हो सकती है। यह योग छाती और फेफड़ों को खोलने के साथ रक्त परिसंचरण में सुधार करती है, जिसे अस्थमा रोगियों के लिए काफी आवश्यक माना जाता है।

कोबरा पोज के अभ्यास की आदत सांस की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ फेफड़े और वायुमार्ग के स्वस्थ रखने और जटिलताओं को कम करने में काफी सहायक है।

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फेफड़ों के लिए फायदेमंद है पश्चिमोत्तानासन - फोटो : Pixabay
पश्चिमोत्तानासन योग

बैठकर आगे की ओर झुकने का यह अभ्यास फेफड़ों और पेट के लिए काफी कारगर माना जाता है। सांस की जटिलताओं को कम करने और समस्याओं को ट्रिगर होने से बचाने में इस योग की आदत आपके लिए विशेष लाभकारी मानी जाती है।

इसके अलावा यह योगासन पेट पर जमे वसा को कम करने और रीढ़ की हड्डी की स्ट्रेचिंग में भी काफी सहायक है। इस अभ्यास को तनाव निवारक और मन को शांत करने में भी मददगार माना जाता है।
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पद्मासन योग के लाभ - फोटो : iStock
पद्मासन का अभ्यास 

पद्मासन या लोटस पोज, अस्थमा और सांस की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। फेफड़ों को स्वस्थ रखने के साथ यह आसन पीठ के निचले हिस्से और कूल्हे की मांसपेशियों के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है। रीढ़ की हड्डी की विकृतियों को कम करने के साथ कमर-पीठ की समस्याओं से राहत दिलाने और गहरी सांस लेने में मदद करने के लिए रोजाना इस योग के अभ्यास की आदत बनाएं।




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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं। अस्थमा में किसी भी योग को शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह जरूर ले लें।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।  
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