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ये योगासन तोड़ेंगे आपकी बीमारियों की चेन, जिंदगी रहेगी स्वस्थ और तंदुरुस्त

Mon, 26 Jul 2021 01:32 PM IST
संकल्प सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हमारे भीतर ऐसी कई बीमारियां होती हैं, जो जेनेटिकली माता-पिता द्वारा हमारे शरीर के अंदर आती हैं। यहां हम बात कर रहें हैं हेरेडिटरी डिजीज की। ये बीमारियां बहुत ही खतरनाक होती हैं। ये एक जनरेशन से दूसरे जनरेशन में आगे बढ़ती हैं। इस कारण इनसे बचना बहुत जरूरी हो जाता है। आप सभी को पता है कि हमारा शरीर सेल्स से मिलकर बनता है। हर एक सेल के भीतर 46 क्रोमोसोम होते हैं। ये क्रोमोसोम डीएनए, आरएनए और प्रोटीन से मिलकर बनते हैं। आसान भाषा में कहें तो क्रोमोसोम के जरिए ही पेरेंट्स के कैरेक्टर्स बच्चों के भीतर आते हैं। रंग, रूप, आकार, ढांचा, आदतें या फिर बीमारियां ये सभी चीजें हमें अपने पैरेंट्स के जरिए ही मिलती हैं। कई जेनेटिक बीमारियां ऐसी होती हैं, जिनका कोई इलाज नहीं होता, लेकिन इनमें से कई बीमारियों का इलाज संभव है। विज्ञान की माने तो योग के जरिए डीएनए के रिक्रिएशन को रिवर्स किया जा सकता है। इससे बीमारियों की फैमिली चेन टूट जाती है। ऐसे में अगर माता-पिता योग करते हैं, तो उनके बच्चों में जेनेटिक बीमारियां नहीं जाएंगी और वह खुद भी स्वस्थ और तंदुरुस्त रहेंगे। आइए जानते हैं उन योगासनों के बारे में जो बीमारियों की चेन को तोड़ते हैं -
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

शीर्षासन 

शीर्षासन करने से डिप्रेशन दूर होता है। इसे नियमित करने से चेहरे पर चमक आती है और सुंदरता बढ़ती है। इससे इंसान का मस्तिष्क तेज होता है। याददाश्त की शक्ति बढ़ती है। इसके अलावा मस्तिष्क में खून का संचार अच्छा होता है। अगर कोई व्यक्ति सिरदर्द की समस्या से परेशान है, तो उसे शीर्षासन जरूर करना चाहिए। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

सर्वांगासन

इस आसन को करने से व्यक्ति को तनाव और चिंता से मुक्ति मिलती है। उसकी एकाग्रता और याददाश्त की शक्ति बढ़ने लगती है। व्यक्ति याद की हुई चीजों को जल्दी भूलता नहीं है। सिरदर्द की परेशानी खत्म हो जाती है। सर्वांगासन करने से व्यक्ति को तनाव और चिंता से मुक्ति मिल जाती है। उसके ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है।  

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

हलासन

हलासन करने से मस्तिष्क शांत रहता है। इसे नियमित तौर पर करने से थायराइड की बीमारी ठीक हो जाती है। शरीर के भीतर से स्ट्रेस और थकान खत्म हो जाता है। इसे काफी अच्छा आसन बताया गया है। इससे डायबिटीज भी कंट्रोल में रहती है। रोजाना इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आता है, जो कि काफी फायदेमंद हैं।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

चक्रासन

नियमित तौर पर चक्रासन करने से चेहरे में चमक आती है। इसे करने से कमर और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। शरीर में वसा कम हो जाता है और वजन घटने लगता है। ये आसन पेट की चर्बी भी कम कर देता है। इसे करने से पाचन तंत्र काफी अच्छा हो जाता है। चक्रासन का हमारे फेफड़ों पर काफी लाभकारी असर पड़ता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

पश्चिमोत्तानासन 

इस आसन को करने से डायबिटीज कंट्रोल हो जाती है। इसे नियमित तौर पर करने से सिरदर्द की समस्या से छुटकारा मिलता है। ये आसन मोटापा कम करने में काफी मददगार है। इन आसनों से बीमारी की चेन को तोड़ा जा सकता है। इसे करने से कई जेनेटिक बीमारियां दूर हो जाती हैं।  
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