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कमर और गर्दन के दर्द से हैं परेशान तो नियमित रूप से करें इस योग का अभ्यास

Wed, 04 Sep 2019 11:50 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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आजकल का सारा काम कम्प्यूटर के माध्यम से हो गया है जिसकी वजह से दिनभर दफ्तर में बैठकर काम करना पड़ता है। जिसका नतीजा होता है कि बहुत से लोगों को कमर और गर्दन में तकलीफ होने लगती है। कभी-कभी यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि इसके इलाज की जरूरत पड़ जाती है। लेकिन अगर नियमित रूप से योग का अभ्यास किया जाए तो इस तरह की परेशानी से आराम मिल जाएगा। कमर और गर्दन में हो रहें दर्द से निजात पाने के लिए शलभासन की क्रिया बहुत असरदार है। तो आइए जानते हैं शलभासन को करने की प्रक्रिया क्या होगी।
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शलभासन करने की विधि
शलभासन को करने के लिये जमीन पर चटाई बिछाकर उस पर पेट के बल लेट जाएं। फिर दोनों पैरों को सीधा रखें और हाथों को कमर के पास व सीधा रखें। हथेली ऊपर की ओर रखें। अब गहरी सांस लेते हुए अपने दांये पैर को ऊपर दीवार की ओर उठाएं। इस दौरान घुटनों को मोड़े नहीं और सांस लेते रहें। अब दांये पैर को नीचे रखें। इसी प्रक्रिया को अपने बांये पैर के साथ दोहराएं। इस प्रकिया को करते समय हाथों को स्थिर रखें। अब सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। घुटनों को मोड़े नहीं। हाथों को कमर के बराबर में सीधा रखें और सांस लेते रहें। अब सिर को ऊपर की उठाएं। पैरों को नीचे ले आएं और आराम की अवस्था में आ जाएं। इस आसन का अभ्यास दो से चार मिनट के लिये करें।
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शलभासन करने के लाभ
शलभासन को नियमित रूप से करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है। जिससे आपको हर स्थिति में काम करने की क्षमता बढ़ती है। इसके साथ ही कमर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और कमर के दर्द से आराम मिलता है। योग की यह क्रिया गर्दन, कंधा और हाथों की नसों को आराम दिलाता है।

 
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- फोटो : pixa
पाचन क्रिया को भी सुधारता है
शलभासन करने से पाचन क्रिया भी दुरुस्त होती है और पेट के आसपास जमा फैट कम होने लगता है। इसके साथ ही यह शरीर के पोस्चर को भी सही करता है। 
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