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Yoga Tips: सबसे प्राचीनतम यह योगासन संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए है लाभदायक, जानिए इसके अभ्यास का तरीका

Mon, 29 Aug 2022 12:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नटराजासन योग के लाभ - फोटो : Pixabay
योग भारत की प्राचीनतम चिकित्सा विधियों में से एक है, वर्षों से योग के अभ्यास को करके शरीर और मन को स्वस्थ और फिट रखने में लाभ पाया जाता रहा है। योग सिर्फ मानसिक ही नहीं शारीरिक सेहत को भी बेहतर बनाए रखने में आपके लिए मददगार हैं। योगासनों की एक विस्तृत श्रृंखला है जिसे कई तरह के स्वास्थ्य लाभ के लिए वर्षों से प्रयोग में लाया जाता रहा है। नटराजासन योग उन्हीं में से एक है, जिसके अभ्यास के दौरान शरीर की लगभग सभी मांसपेशियों का अभ्यास हो जाता है। एकाग्रता और संतुलन को बेहतर बनाए रखने के साथ नटराजासन योग को मानसिक शांति प्रदान करने वाला अभ्यास भी माना जाता है।

नटराजासन को डांसर पोज के रूप में भी जाना जाता है। योग विशेषज्ञ कहते हैं, इस योगासन के अभ्यास की आदत मांसपेशियों को स्वस्थ रखने और अंगों के कार्यों को बेहतर बनाए रखने में सहायक है। आइए नटराजासन योग से होने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में जानते हैं।
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नटराजासन योग करने का तरीका - फोटो : iStock
नटराजासन योग कैसे किया जाता है?

योग विशेषज्ञ कहते हैं, इस आसन के अभ्यास के लिए विशेष एकाग्रता और शारीरिक संतुलन की आवश्यकता होती है। सबसे पहले एकदम सीधे पर्वतासन मुद्रा (ताड़ासन) में खड़े होकर दाहिने हाथ को उठाएं। अब अपने बाएं हाथ से बाएं पैर के बाहरी हिस्से को पकड़ें और इसे नितंबों तक लाएं। अपने दाहिने हाथ को फर्श के समानांतर, सामने लाएं। इस स्थिति में शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए किसी वस्तु पर अपनी दृष्टि स्थिर करें। इस अवस्था में गहरी और लंबी सांस लेते रहें और फिर पूर्ववत स्थिति में वापस आ जाएं। इसी आसन को फिर दूसरे पैर से भी दोहराएं।
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नटराजासन योग करने के क्या लाभ हैं? - फोटो : istock
नटराजासन योग करने के क्या लाभ हैं?

विशेषज्ञ बताते हैं, कई प्रकार से यह योगाभ्यास शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। 
  • हैमस्ट्रिंग, पिंडलियों और क्वाड्रिसेप्स की स्ट्रेचिंग करके शरीर को लचीला बनाता है।
  • पीठ के निचले हिस्से और जांघों को टोन करता है।
  •  बाहों और कंधों की मांसपेशियों को टोन करने में सहायक है।
  • रीढ़, कंधों और हैमस्ट्रिंग की मासंपेशियों की शक्ति बढ़ाता है।
  • पीठ की समस्याओं को ठीक करने और शारीरिक मुद्रा में सुधार करने में भी इस योग को कारगर माना जाता है।
  • एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक शांति के लिए इस योग का अभ्यास किया जा सकता है।
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नटराजासन योग के बारे में जानिए - फोटो : istock
नटराजासन योग से संबंधित सावधानियां

नटराजसन का नियमित रूप से अभ्यास करना बहुत फायदेमंद माना जाता हालांकि यदि आपको टखने या पीठ के निचले हिस्से में चोट लगी है या इनमें तेज दर्द रहता है तो इस मुद्रा को करने से बचें। इसके अतिरिक्त निम्न रक्तचाप, चक्कर आने की समस्या में भी इस योग मुद्रा का अभ्यास न करने की सलाह दी जाती है। यदि योग का अभ्यास करने से पहले आपको कोई चिकित्सकीय समस्या है तो अपने डॉक्टर से चर्चा करें। किसी विशेषज्ञ की निगरानी में योग का अभ्यास करना आपको अधिक लाभ प्रदान करने में सहायक है।


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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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