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Yoga Tips: कंप्यूटर पर ज्यादा देर काम करने से बढ़ रही है सर्वाइकल की समस्या, इन योगासनों से पा सकते हैं लाभ

Fri, 25 Nov 2022 01:04 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सर्वाइकल दर्द की समस्या - फोटो : iStock
पूरे दिन कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करते रहने की आदत ने न सिर्फ लोगों में शारीरिक निष्क्रियता को बढ़ा दिया है, साथ ही इसके कारण शरीर के अंगों में दर्द और अकड़न की दिक्कत भी काफी बढ़ती हुई देखी जा रही है। विशेषकर ज्यादा देर तक कंप्यूटर पर काम करते रहने वाले लोगों में कमर-पीठ दर्द और सर्वाइकल की समस्या अधिक देखी जा रही है। सर्वाइकल के कारण गर्दन के पिछले हिस्से में तेज दर्द होने लगता है। कुछ स्थितियों में लोगों के लिए गर्दन को घुमाना तक भी कठिन हो जाता है। सर्वाइकल के इस दर्द पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण समस्या बढ़ भी सकती है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सर्वाइकल के लिए कंप्यूटर पर ज्यादा देर तक काम करने और शारीरिक निष्क्रियता को प्रमुख कारण के तौर पर देखते हैं। इस तरह की समस्याओं से बचे रहने के लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। योगासनों की आदत से शरीर में रक्त संचार बढ़ने के साथ मांसपेशियों की कठोरता कम होती है जिससे इन समस्याओं में राहत मिल सकता है।

आइए आगे उन योगासनों के बारे में जानते हैं जिनके अभ्यास की आदत आपको सर्वाइकल और गर्दन में दर्द की समस्या से राहत दिला सकती है। 
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मार्जरी आसन की समस्या - फोटो : istock
मार्जरी आसन

कैट काऊ पोज या मार्जरी आसन (चक्रवाकासन) योग का अभ्यास आपकी गर्दन की समस्याओं को ठीक करने में विशेष लाभकारी हो सकती है। इस योग के नियमित अभ्यास से शारीरिक मुद्रा और संतुलन में सुधार होता है, जिससे पीठ और कमर दर्द के साथ गर्दन में होने वाले दर्द की समस्या से राहत मिल सकती है।  कैट काऊ पोज के दौरान कूल्हे से लेकर पेट-पीठ सहित गर्दन की मांसपेशियों का अभ्यास हो जाता है, जिससे रक्त संचार सही होता है और दर्द की समस्या को कम किया जा सकता है।
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भुजंगासन योग की समस्या - फोटो : Istock
भुजंगासन योग

डेस्क पर गर्दन को झुकाकर काम करते रहने के कारण होने वाली दर्द की समस्या से राहत दिलाने में भुजंगासन या कोबरा पोज योग को काफी लाभदायक माना जाता है। कोबरा पोज़ आपके कंधों से लेकर पीठ और कमर तक के लिए सबसे कारगर अभ्यास में से एक है। यह रीढ़ को स्ट्रेच करने के साथ सिर और गर्दन की मुद्रा को ठीक रखने और गर्दन को सहारा देने वाली मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है। इस योग के नियमित अभ्यास की आदत आपको सर्वाइकल की समस्या में काफी लाभ दे सकती है।
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बालासन से होने वाले फायदे - फोटो : istock
बालासन का अभ्यास

बालासन या चाइल्ड पोज योग, पीठ के निचले हिस्से के दर्द को कम करने के साथ गर्दन के दर्द और अकड़न की दिक्कत को दूर करने में काफी लाभदायक हो सकता है। बालासन योग शरीर की बेहतर स्ट्रेचिंग करने के साथ रक्त के संचार को तेज करने में सहायक है। जिन लोगों को शारीरिक मुद्रा में गड़बड़ी के कारण गर्दन या पीठ में दर्द की समस्या बनी रहती है, उनके लिए इस योग के नियमित अभ्यास की आदत काफी लाभप्रद हो सकती है। 



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नोट:
यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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