शरीर को स्वस्थ और रोगमुक्त बनाए रखने के लिए समय-समय पर इसकी साफ-सफाई बेहद आवश्यक होती है। शरीर की साफ-सफाई का मतलब सिर्फ बाहरी स्वच्छता से नहीं है, इसके लिए इसे अंदर से भी स्वच्छ और शुद्ध बनाने की आवश्यकता होती है। मेडिकल साइंस में इस क्रिया को डिटॉक्सिफिकेशन कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर मल-मूत्र और पसीने के माध्यम से अपनी आंतरिक सफाई स्वयं करता रहता है, हालांकि फिर भी कुछ अपशिष्ट शेष रह जाते हैं। समय के साथ-साथ शरीर में यह अपशिष्ट बढ़ते रहते हैं जो कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकते हैं। शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन की वैसे तो कई विधियां हैं पर इस लेख में हम योग के माध्यम से आपको उस विधि के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे घर पर रहकर भी आप आसानी से अपने शरीर को एकदम शुद्ध बनाए रख सकते हैं।
योगशास्त्र में 'अपान मुद्रा' को शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन का सबसे कारगर योग अभ्यास बताया गया है। इस योग मुद्रा से आपकी आंखों, मुंह, कान और नाक से अपशिष्ट को हटाकर शरीर को आसानी से विषाक्त पदार्थों से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। योगगुरुओं का दावा है कि इस मुद्रा को करने से आप शरीर से 90 फीसदी तक विषाक्त पदार्थों को आसानी से खत्म कर सकते हैं।