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विशेषज्ञों की सलाह: कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबले के लिए शुरू कर दें तैयारी, यह योगाभ्यास हैं मददगार

Sat, 14 Aug 2021 01:27 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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तीसरी लहर से बचाव के उपाय (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
कोरोना के सामने आए नए वैरिएंट्स ने दुनियाभर में तीसरी लहर की आशंकाओं को तेज कर दिया है। कई देशों में कोरोना के मामले फिर से रफ्तार पकड़ रहे हैं, ऐसे में लोगों के मन में डर साफ देखा जा सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से किया जा रहा टीकाकरण कोरोना की रफ्तार पर काबू पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, ऐसे में तीसरी लहर का डर उन लोगों में अधिक होगा जिनका अब तक वैक्सीनेशन नहीं हुआ है, या फिर जिनकी इम्यूनिटी काफी कमजोर है।
द जर्नल ऑफ अल्टरनेटिव एंड कॉम्प्लिमेंट्री मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन में कोविड-19 से सुरक्षा के लिए योग और मेडिटेशन को सबसे बेहतर उपायों में से एक बताया गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि योग और मेडिटेशन से होने वाले एंटी-इंफ्लामेटरी लाभ शरीर के लिए विशेष लाभदायक साबित हो सकते हैं। इसके अलावा योग शरीर में तमाम तरह के आवश्यक बदलाव करके प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में सहायक हैं। ऐसे में नियमित रूप से योगासनों को प्रयोग में लाकर कोरोना के खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। आइए ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में जानते हैं।
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रोजाना करें प्राणायाम के अभ्यास (प्रतीकात्मक) - फोटो : Social media
प्राणायाम करने से होने वाले फायदे
योग विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबले के लिए शरीर को तैयार करने के लिए सभी लोगों को नियमित रूप से प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। प्राणायाम को फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ श्वसन क्रिया में प्रयुक्त नसों को आराम देने वाले सबसे प्रभावी व्यायामों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञ इस आसन को खाली पेट करने की सलाह देते हैं। प्राणायाम करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। शरीर को एकदम सीधा रखें। अब गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। रोजाना कम से कम 10 मिनट तक इस व्यायाम को जरूर करना चाहिए।
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कोबरा पोज के हैं कई लाभ - फोटो : Social media
भुजंगासन (कोबरा पोज)
पेट और पीठ को आराम दिलाने के साथ यह योग अभ्यास प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देता है। इस अभ्यास को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाइए और हथेली को कंधे के नीचे रखिए। सांस लेते हुए और शरीर के अगले भाग को ऊपर की और उठाएं। 10-20 सेकंड्स के लिए इसी अवस्था में रहिए फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस अभ्यास को नियमित रूप से 10-15 बार किया जा सकता है। कोरोना से सुरक्षित रखने में इस योग के कई लाभ हो सकते हैं।

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सांस वाले व्यायाम हैं बेहद फायदेमंद - फोटो : istock
अनुलोम विलोम व्यायाम 
अनुलोम-विलोम व्यायाम को फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों को निकालर उन्हें शुद्ध करने, फेफड़ों में जमा अतिरिक्त द्रव को कम करने के साथ फेफड़ों में ऑक्सीजन युक्त रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देने में काफी प्रभावी माना जाता है। इतना ही नहीं यह प्रतिरक्षा और फेफड़ों की क्षमता को बढ़ावा देने में भी सहायक है। इस व्यायाम को करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। अपनी आंखें बंद करें और दाहिने अंगूठे को नाक के दाहिने छिद्र पर रखें। अब बाईं तरफ से गहरी सांस लें औऱ दाहिनी ओर से छोड़ें। इसी तरह से नाक की दूसरी तरफ से भी सांस लें और छोड़ें।
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मत्स्यासन करने के हैं लाभ - फोटो : istock
मत्स्यासन (मछली मुद्रा)
इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ कई अन्य मामलों में मत्स्यासन सबसे फायदेमंद योगाभ्यासों में से एक है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपनी पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को शरीर के बगल की ओर रखें। अब अपने पैरों को आपस में ऐसे मोड़ें जैसे शांत मुद्रा में बैठने के लिए मोड़ते हैं।  सांस लेते हुए अपने सिर और छाती को ऊपर उठाएं। अब छाती को ढीला रखते हुए अपने सिर को इस तरह नीचे करें कि आपके सिर का ऊपरी हिस्सा जमीन को छुए। आपके हाथ और पैर एक दूसरे के समानांतर होने चाहिए। 15-20 सेकंड के लिए इसी स्थिति में रहें और फिर पूर्ववत अपनी शुरुआती स्थिति में आ जाएं। 


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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