बच्चों पर ज्यादा असर
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रोगियों से दूरी
अगर आपकी तबीयत खराब है तो आप घर पर ही रहकर आराम करें या फिर वर्क फ्रॉम होम कर लें, ताकि बाकी लोग बीमार पड़ने से बच जाएं। इंफेक्शन से बचने के लिए भीड़-भाड़ वाले इलाके में न जाएं। अगर कोई व्यक्ति पहले से ही जुकाम या बुखार से पीड़ित है तो उससे हाथ मिलाने या गले लगने से बचें और दूरी बनाकर रखें।
बच्चों पर ज्यादा असर
मौसम का बदलाव और बच्चों की परीक्षाएं, दोनों एक साथ आती हैं, इसलिए माता-पिता को बच्चे की देखभाल और जीवन-शैली का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि बच्चे बीमार न पड़ें और परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। बच्चों के सही आहार, नींद, व्यायाम और खेलकूद पर भी ध्यान देना चाहिए। इस मौसम में बच्चों को बुखार, नाक बंद होना, खांसी, गले में खराश, छींक आना, शरीर में दर्द और संक्रमण होने लगते हैं। इस मौसम में बच्चों को केवल सर्दी-जुकाम ही परेशान नहीं करता, बल्कि उल्टी, दस्त, त्वचा में संक्रमण, पेट के रोग, डिहाइड्रेशन, निमोनिया भी हो सकता है।
बच्चे खान-पान और रहन-सहन को लेकर लापरवाही बरतते हैं, जिससे वे बीमारी का शिकार हो जाते हैं। बच्चे जरा-सी गर्मी महसूस होते ही टोपी और जुराब आदि पहनना बंद कर देते हैं। शाम को अचानक सर्दी शुरू होते ही वे ठंड की चपेट में आ जाते हैं। इस समय साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी होता है, क्योंकि मौसम बदलते ही बैक्टीरिया जनित बीमारियां भी शुरू हो जाती हैं।