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इन आसनों के नियमित अभ्यास से मिलेगी मासिक धर्म के दौरान होने वाली समस्याओं से राहत

Wed, 13 Jan 2021 10:00 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यह समय महिलाओं के लिए बहुत मुश्किल होता है - फोटो : Social Media

मासिक धर्म के दौरान कई सारी महिलाएं दर्द के कारण परेशान हो जाती हैं। उन्हें पेट, कमर में इतना दर्द होता है कि वह कोई कार्य ही नहीं कर पाती हैं। इन दिनों कब्ज, तनाव आदि की समस्या भी होती रहती है। ऐसे में यह समय महिलाओं के लिए बहुत मुश्किल होता है। कई महिलाएं दवा का सेवन करती हैं, जिनके दुष्परिणाम यह होते हैं कि उनके मासिक चक्र में अनियमितता आ जाती है। इसलिए योग ही ऐसा उपचार है जिसकी सहायता से आप मासिक धर्म के दौरान होने वाली समस्याओं से आराम से राहत पा सकती हैं। अगली स्लाइड्स में बताए गए आसनों का अभ्यास करके आप आसानी से इस समय को बिना दर्द के गुजार सकती हैं। 

 

 

 

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धनुरासन - फोटो : social media

धनुरासन
धनुरासन करने पर शरीर की आकृति धनुष जैसी दिखाई पड़ती है इसलिए इसे धनुरासन कहा जाता है। जब शरीर तीर कमान की मुद्रा में  होता है तो पेट पर पूरा जोर पड़ता है जिससे पेट की मांसपेशियों तथा प्रजनन अंगों को ताकत मिलती है और मासिक धर्म की असहजता तथा कब्ज से राहत मिलती है। मासिक धर्म के दौरान अपनी क्षमता के अनुसार ही इस योग का अभ्यास करें। 

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उष्ट्रासन - फोटो : social media

उष्ट्रासन
उष्ट्रासन को कैमल पोज भी कहा जाता है। इस आसन को करते वक्त  शरीर का सामने का भाग खींचा जाता है, जिससे कि पीठ के निचले भाग का दर्द कम होता है तथा मासिक धर्म के दौरान पेटदर्द में भी इसके अभ्यास से कमी आती है। यदि मासिक चक्र अनियमित है तो प्रतिदिन इसके अभ्यास से मासिक चक्र नियमित हो जाता है और रक्त प्रवाह भी सामान्य रहता है इसलिए 15 से 20 सेकंड तक इसका अभ्यास प्रतिदिन करें। 

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भुजंगासन - फोटो : Pixabay

भुजंगासन
भुजंगासन में शरीर का पोज कोबरा के समान होता है इसलिए इसे कोबरा पोज भी कहा जाता है। इस आसन करते वक्त शरीर की आकृति ऐसी बनती है  पेट अपने आप खिंचाता है। इस क्रिया के दौरान  मासिक धर्म का दर्द कम होता है तथा इन दिनों कई सारी महिलाओं को थकान व तनाव भी होता है जिस वजह से वे चिढ़चिढ़ करने लगती हैं। आसन को करने से इस समस्या का समाधान भी हो जाता है। 

 

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मत्स्यासन - फोटो : facebook
मत्स्यासन
मत्स्यासन को करते वक्त पीठ को ऊपर उठाना होता है जिस वजह से पेट की मांसपेशियों में भी खिंचाव होता है। जिस वजह से पेडू में होने वाले दर्द से आराम  मिलता है। मासिक धर्म के दौरान सुबह उठते ही इस आसन का अभ्यास करने से पूरे दिन दर्द में राहत रहती है। इस आसन को करने से पूर्व दो से तीन गहरी सांस जरूर लें। ऐसा करने से परिणाम और भी बेहतर होंगे। 
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