एक समय था, जब लोग अपनी सेहत पर अच्छी तरह से ध्यान देते थे, लेकिन आज के समय में ज्यादातर लोग अपनी जरूरतों के पीछे इस कदर भागते रहते हैं, कि उन्हें अपनी सेहत पर ध्यान देने का समय ही नहीं मिलता। पूरे-पूरे दिन दफ्तर और कॉलेजों में लोग मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इन सभी चीजों से कम उम्र में ही थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। इन सभी परेशानियों के बीच सबसे बड़ी समस्या उत्पन्न होती है नींद न आने की।
ज्यादा थकान की वजह से कई बार नींद काफी कम आती है और जब नींद पूरी नहीं होती तो अगला दिन भी खराब हो जाता है। लोगों की इसी परेशानी को देखते हुए और उन्हें नींद की अहमियत बताने के लिए हर साल दुनिया भर में विश्व नींद दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को ये एहसास कराया जाता है कि उनके स्वस्थ शरीर के लिए 7 से 8 घंटे के नींद बेहद जरूरी है।