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चाहते हैं तनाव से मुक्ति और घूमने के लिए खूबसूरत जगह, तो जा सकते हैं ‘शत्रुंजय की पहाड़ी’

Thu, 25 Feb 2021 03:04 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Shatrunjaya hill - फोटो : istock
इस दौड़ती-भागती जिंदगी में हर कोई तनाव से घिरा है। कभी काम, तो कभी किसी चीज की चिंता की वजह से हम हमेशा तनाव में ही रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस तनाव का हमारे ऊपर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए हमें ऐसी जगहों पर जाना चाहिए, जहां हमारा तनाव कम हो सके। विशेषज्ञ मानते हैं कि तनाव से बचने के लिए ध्यान योग, जीवनशैली में सुधार और मानसिक शांति के लिए कहीं घूमने भी जा सकते हैं। ऐसे में अगर आप भी तनाव से घिरे हैं, और कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो हम आपको एक जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां जाकर आपको शांति मिल सकती है, और वो जगह है शत्रुंजय की पहाड़ी। तो चलिए जानते हैं इस जगह बारे में।
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Shatrunjaya hill - फोटो : istock
दरअसल, शत्रुंजय का शाब्दित अर्थ विजय होता है। शत्रुंजय पहाड़ी शांति और अद्यात्म के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। हर साल यहां काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं और सुकून के पल बिताते हैं। शत्रुंजय पहाड़ी गुजरात के ऐतिहासिक शहर पालीताना के पास में स्थित है। वैसे तो इस शहर के पास में पांच पहाड़ियां हैं, लेकिन सबसे पवित्र पहाड़ी शत्रुंजय पहाड़ी को ही माना जाता है। ये पहाड़ी समुद्र तल से 164 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस पहाड़ी पर सैकड़ों जैन मंदिर हैं।
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Shatrunjaya hill - फोटो : istock
आपको जानकार हैरानी होगी कि पहाड़ी पर पहुंचने के लिए आपको पत्थरों की 375 सीढ़ियों को चढ़ना पड़ता है। इन सीढ़ियों को चढ़ने के दौरान आप प्रकृति के अद्भुत नजारों का आनंद ले सकते हैं। इस शांति भरी जगह पर आपको जिंदगी का असली एहसास मिल सकता है। शहरों की दौड़ती-भागती जिंदगी से काफी दूर यहां आप सिर्फ और सिर्फ सुकून के पल बिता सकते हैं। यहां समय बिताने से आपकी मानसिक और शारीरिक सेहत पर अच्छा असर पड़ता है। साथ ही कई तरह के तनाव दूर होने में भी मदद मिलती है।

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Shatrunjaya hill - फोटो : istock
शत्रुंजय पहाड़ी पर जो मंदिर स्थित हैं उनके निर्माण को लेकर कहा जाता है कि इनका निर्माण 900 साल पहले करवाया गया था। हर साल इस पहाड़ी पर कार्तिक पूर्णिमा के दिन काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं। मान्यता है कि जैन धर्म के संस्थापक आदिनाथ ने इस शिखर पर स्थित वृक्ष के नीचे कठिन तपस्या की थी। वहीं, इसी जगह पर आज भी आदिनाथ का मंदिर भी है। यही नहीं, मंदिर के परिसर में मुस्लिम संत अंगार पीर का मजार भी स्थित है।
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Shatrunjaya hill - फोटो : istock
कहा जाता है कि इन्होंने मुगलों से इस शत्रुंजय पहाड़ी की रक्षा की थी। इसलिए संग अंगार पीर को मानने वाले मुस्लिम लोग भी शत्रुंजय पहाड़ी पर आते हैं, और मजार पर मत्था जरूर टेकते हैं। कहा जाता है कि यहां लोग अपने मन की इच्छा भी रखते हैं, और उनकी वो इच्छाएं पूरी भी होती हैं। हर साल यहां लोग अपनी परिवार, अपने दोस्तों और अपने पार्टनर संग पहुंचते हैं। इसलिए आप भी एक बार तो यहां जरूर जा सकते हैं।
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