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उत्तराखंड में है वो जगह जहां लक्ष्मणजी ने की थी आखिरी तपस्या, अब ट्रैकिंग के लिए है सबसे मशहूर

Wed, 04 Nov 2020 01:17 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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uttrakhand - फोटो : social media
ऋग्वेद में उत्तराखंड को देवभूमि बताया गया है। इस पावन भूमि को मनीषीयों की पूर्ण कर्म भूमि कहा गया है। क्या आप जानते हैं कि मर्यादापुरुषोत्तम भगवान राम के छोटे भाई भगवान लक्ष्मण जी का भी उत्तराखंड से नाता रहा है। लक्ष्मण जी ने अपनी आखिरी तपस्या देवभूमी उत्तराखंड में ही की थी। आगे पढ़िए कहां है वो वन जहां लक्ष्मण जी ने की थी आखिरी तपस्या
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loard laxman - फोटो : social media
लक्ष्मण जी ने अपनी आखिरी तपस्या उत्तराखंड के गढ़वाल में की थी। मान्यता है कि लक्ष्मण जी ने अपनी आखिरी तपस्या तपोवन में की थी जो कि टिहरी गढ़वाल में है। अगर आप कभी उत्तरकाशी गए होंगे तो आपने तपोवन के बारे में जरूर सुना होगा। पर्यटक बड़ी तादाद में यहां ट्रैकिंग के लिए जाते हैं।
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uttrakhand - फोटो : social media
तपोवन गंगोत्री हिमनद से 6 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां के अद्भुत नजारे पर्यटकों का दिल जीत लेते हैं। तपोवन से दूर-दूर तक फैली हिमालय की चोटियां दिखती हैं।

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uttrakhand
तपोवन को ही नंदनवन भी कहते हैं। यहां पर्वतारोहण के लिए कैंपिंग की जाती है। गोमुख ट्रैकिंग के पास ही तपोवन है जहां हर साल लाखों की तादाद में विदेशी पर्यटक ट्रैकिंग के लिए उमड़ते हैं। नंदनवन से शिवलिंग, भागीरथी, केदार डोम, थलय सागर और सुदर्शन जैसे चोटियों का शानदार दृश्य दिखता है।

 
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uttrakhand
पर्यटक यहां सतोपंत, खर्चाकुंड, कालिंदी कल, मेरू और केदारडोम पर ट्रैकिंग और कैपिंग करते हैं। ट्रैकिंग के अलावा पर्यटक पर्वतों पर चढ़ाई और रॉक क्लाइम्बिंग भी करते हैं। यहां के हरियाली से भरे चीड़ और देवदार के वृक्ष पर्यटकों को काफी लुभाते हैं।
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