कांडा
सरयू, गोमती और अव्यक्त भागीरथी तीन नदियों का यह संगम इस गांव को बागेश्वर का सबसे पवित्र स्थान है। यह भगवान शिव से जुड़ी पवित्र भूमि के रूप में पूजी जाती है , जहां सभी पापों से मुक्ति मिलती है। अगर हम पुराणों पर विश्वास करें तो तो निस्संदेह यह एक ऐसी जगह है जो जन्म और मृत्यु के शाश्वत बंधन से मुक्त करने में सक्षम है। आप इस शहर की खूबसूरती का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि इस शहर के पूर्व और पश्चिम की ओर भुलेश्वर और नीलेश्वर पर्वत और उत्तर में सूरज कुंड और दक्षिण में अग्नि कुंड से घिरा हुआ है। यही नहीं इस शहर से भगवान शिव की धार्मिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक भूमि का भी महत्व है।