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मां के आंखों से गिरे आंसू ने ही यहां लिया ताल का रूप, आज है दुनिया भर में मशहूर

Fri, 27 Mar 2020 01:06 PM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : social media
नवरात्रि के पावन दिन आ गए हैं और इन दिनों मां की पूजा अर्चना का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि में मां के 9 रुपों की पूजा का विधान है। आज नवरात्रि के मौके पर हम मां के पावन शक्तिपीठ के बारें में बताने जा रहे हैं। उत्तराखंड के नैना झीले के उत्तरी किनारे पर मौजूद नैनादेवी का मंदिर भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। स्थानीय लोगों की मान्यता के अनुसार मां के आंखों से गिरे आंसू ने ही यहां ताल का रूप धारण कर लिया और इसलिए इस जगह का नाम नैनीताल पड़ गया। मंदिर के अंदर नैना देवी के साथ-साथ गणेश जी और मां काली की भी मूर्तियां मौजूद हैं। 
 
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मंदिर नैनीताल से कितना दूर है?
  • मंदिर के प्रवेशद्वार पर पीपल का एक विशाल वृक्ष है। यहां माता पार्वती को नंदा कहा जाता है। हनुमान जी का पावर मंदिर भी मांं के मंदिर केे पास में है। यह मंदिर नैनीताल बस स्टैंड से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि माता के दर्शन से ही लोगों के नेत्र रोग की पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है। 
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भव्य मेले का आयोजन
  • मंदिर में नंदा अष्टमी के दिन भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। जो कि आठ दिनों तक चलता है। 

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अन्य आकर्षण
  • मंदिर के अलावा यहां का मल्लीताल और तल्लीताल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। आसपास घूमने के लिए चिड़ियाघर, राजभवन, केव गार्डन, भीमताल, नौकुचिया ताल, भुवाली और घोड़ाखाल यहां के मुख्य आकर्षण का केंद्र है। इसके अलावा सातताल, मुक्तेश्वर, कैंचीधाम, रामगढ़ और रानीखेत जैसे कई अन्य पर्यटन स्थल मौजूद हैं। 
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- फोटो : =
अगर करना चाहते हैं शॉपिंग?
  • अगर आप यहां शॉपिंग करना चाहती हैं तो माल रोड बेहतरीन जगह है। यहां मौजूद तिब्बती मार्केट में ऊनी कपड़ों के अलावा कई तरह के सजावटी वस्तुएं भी मिलती हैं। नवरात्र के मौके पर यहां खूब रौनक रहती है। 
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