नवरात्रि के पावन दिन आ गए हैं और इन दिनों मां की पूजा अर्चना का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि में मां के 9 रुपों की पूजा का विधान है। आज नवरात्रि के मौके पर हम मां के पावन शक्तिपीठ के बारें में बताने जा रहे हैं। उत्तराखंड के नैना झीले के उत्तरी किनारे पर मौजूद नैनादेवी का मंदिर भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। स्थानीय लोगों की मान्यता के अनुसार मां के आंखों से गिरे आंसू ने ही यहां ताल का रूप धारण कर लिया और इसलिए इस जगह का नाम नैनीताल पड़ गया। मंदिर के अंदर नैना देवी के साथ-साथ गणेश जी और मां काली की भी मूर्तियां मौजूद हैं।