25 मार्च, बुधवार से नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो रहा है। आने वाले 9 दिनों तक माता के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होगी। हमारे देश में मां के कई प्रसिद्ध शक्तिपीठ मंदिर हैं और हर शक्तिपीठ की अलग-अलग मान्यताएं हैं। दुर्गा सप्तशती के अनुसार जब माता सती ने अपना प्राण हवन कुंड में त्याग दिया था तब भगवान शिव ने सती के शरीर को लेकर कंधे पर तांडव करने लगे थे। भगवान शिव को ऐसे करने से रोकने के लिए विष्णु जी ने चक्र चलाकर देवी सती के कई टुकड़े कर दिए। जिन स्थानों पर माता सती के अंग और आभूषण गिरे वे ही शक्तिपीठ कहलाए जाने लगे। माता सती के कुछ अंग और आभूषण देश के बाहर भी गिरे थे जहां आज भी शक्तिपीठ स्थित है। आइए, आज जानते हैं विदेशों में मौजूद मां के पावन शक्तिपीठों के बारें में...