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Govardhan Puja 2022: इस गोवर्धन पूजा के मौके पर घूम आएं श्रीकृष्ण की नगरी, यहां बेहद खास होती है पर्व की रौनक

Tue, 25 Oct 2022 01:49 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गोवर्धन पूजा - फोटो : amar ujala
Govardhan Puja 2022: दीपोत्सव को लेकर हर कोई उत्सुक रहता है। इस साल प्रकाश पर्व दिवाली 24 अक्तूबर को मनाई जा रही है। दिवाली से पहले धनतेरस और नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है, तो वहीं दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज है। इन सभी पर्व का अपना विशेष महत्व है। दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है। इस दिन महिलाएं गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाती हैं और आसपास श्रीकृष्ण, ग्वाल-बाल आदि की आकृति बनाकर उसकी पूजा करती हैं। गोवर्धन पूजा भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण से जुड़ा पर्व है। ऐसे में इस पर्व के मौके पर आप घर पर छुट्टी मना रहे हैं तो परिवार के साथ श्रीकृष्ण की नगरी घूम लें। घर पर तो हर बार गोवर्धन पूजा करते हैं, इस बार मथुरा में खास गोवर्धन पूजा देखने जा सकते हैं। यहां आपको गोवर्धन पूजा की कथा, श्री कृष्ण से गोवर्धन पूजा का संबंध और मथुरा में खास तरीके से गोवर्धन पूजा के बारे में बता रहे हैं।
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गोवर्धन पूजा - फोटो : Istock
गोवर्धन पूजा की कथा

इस साल गोवर्धन पूजा 25 अक्तूबर को मनाई जा रही है। गोवर्धन पूजा श्री कृष्ण के बाल्यकाल की नटखट शरारतों से जुड़ा एक पर्व है। एक बार गोकुल में बहुत ज्यादा वर्षा हुई। इंद्रदेव के नाराज होने पर मूसलाधार वर्षा से लोग परेशान हो गए। तब श्रीकृष्ण ब्रजवासियों को गोवर्धन पर्वत के पास ले गए और कहा कि हे गोवर्धन नाथ सभी ब्रजवासियों की रक्षा करो। इतना कहकर कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर पर्वत को उठा लिया और सभी बृजवासी बारिश से बचने के लिए पर्वत के नीचे आ गए। उस दिन के बाद गोवर्धन पर्वत की पूजा का रिवाज है। माना जाता है कि वह बादलों को रोककर बृज में वर्षा कराते हैं, जिससे कृषि अच्छी होती है।
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गोवर्धन पूजा - फोटो : Istock
गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा

गोवर्धन पूजा के मौके पर लोग मथुरा-बरसाना पहुंचकर गोवर्धन पर्वत की पूजा के लिए जाते हैं। अन्नकूट बनाकर गोवर्धन पर्वत और श्रीकृष्ण को अर्पित किया जाता है। इस दिन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा का भी खास महत्व है। मान्यता है कि गोवर्धन पूजा के लिए गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मान्यता है कि जिन लोगों ने अपने जीवन में चार धाम की यात्रा न की हो, उन्हें गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से चार धाम की यात्रा का फल मिलता है।

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मथुरा वृंदावन की यात्रा - फोटो : istock
कैसे जाएं श्रीकृष्ण की नगरी

उत्तर प्रदेश में स्थित मथुरा-बरसाना और गोकुल का सफर दिल्ली से महज ढाई से तीन घंटे का रास्ता है। यमुना एक्सप्रेस वे से बस या टैक्सी से सफर पर निकल सकते हैं। कम समय और कम पैसों में आप बृज घूम सकते हैं। गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने के अलावा कृष्ण जन्मभूमि के दर्शन के लिए भी जा सकते हैं।
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गोवर्धन पूजा पर करें मथुरा बरसाना की यात्रा - फोटो : amar ujala
बृज में घूमने के लिए जगहें

बृज में दिवाली से ज्यादा धूम गोवर्धन पूजा की होती है। यहां कई मंदिरों में गोवर्धन पूजा के दिन खास आयोजन होता है। बृज में घूमने के लिए काफी कुछ है। मानसी गंगा के तट पर मुकुट मुखारविंद मंदिर, दानघाटी मंदिर और जतीपुरा का मुखारबिंद मंदिर बना है। गोवर्धन पूजा के मौके पर जतीपुरा में अन्नकूट पर विशेष आयोजन होता है।
 
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