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Heart Attack: नहीं रुक रहे मौत के मामले, बिना हृदय की बीमारी वाले लोग भी हो रहे हैं अचानक हार्ट अटैक का शिकार

Tue, 28 Feb 2023 04:50 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली
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हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे से बचाव के उपाय - फोटो : istock
हार्ट अटैक के कारण अचानक होने वाले मौत के मामले पिछले दो वर्षों में अचानक काफी तेजी से बढ़े हैं। आश्चर्यजनक रूप से शादियों में डांस करते हुए, जिम के दौरान, बैठे-बैठे लोगों को दिल का दौरा पड़ रहा है जिससे लोगों की तुरंत मृत्यु हो जा रही है। हृदय रोगों, विशेषतौर पर हार्ट अटैक को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर देखा जाता था, हालांकि 30 से भी कम आयु के लोगों में अब इसका खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को, भले ही आप स्वस्थ हैं, हृदय की सेहत को लेकर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता है।

हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को लेकर हुए कुछ शोध में वैज्ञानिकों की टीम ने पाया कि कोरोना महामारी भी इसका एक कारण हो सकती है। जो लोग कोरोना संक्रमण के दौरान गंभीर रोग का शिकार रह चुके हैं, उनमें लॉन्ग कोविड के रूप में हृदय स्वास्थ्य की दिक्कतें अधिक देखी जा रही हैं, ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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हार्ट अटैक के जोखिम कारक - फोटो : istock
शादी के दौरान-वॉलीबॉल खेलते हुए मौत

हालिया मामलों को देखें तो उडुपी स्थित  कुककुंडूर में वॉलीबॉल खेल रहे एक व्यक्ति की हृदय घात से मौत हो गई। मृतक संतोष (34) शाम को अचानक वॉलीबॉल खेलते समय बेहोश हो गए। साथी खिलाड़ियों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती किया, पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।  

इसी तरह से हैदराबाद में एक शादी समारोह के दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ने से 19 वर्षीय लड़के की अचानक मृत्यु हो गई। बारात में नाचते समय अचानक लड़का गिर गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। यह दोनों घटनाएं सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
 

गौरतलब है कि प्राथमिक रिपोर्ट्स से पता चलता है कि दोनों को ही पहले से किसी तरह की दिल की बीमारी नहीं थी।
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हृदय रोग के खतरों के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay
पहले से हृदय रोग के बिना भी हार्ट अटैक के मामले

इस तरह के मामलों से सवाल खड़ा होता है कि क्या पहले से धमनियों में कोई रुकावट न होने की स्थिति में भी दिल का दौरा पड़ना संभव है? या फिर अगर आपको पहले से हृदय रोगों की दिक्कत नहीं है तो भी हार्ट अटैक का शिकार हो सकते हैं?

इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से धमनियों में रुकावट के बिना होने वाले हार्ट अटैक को मायोकार्डियल इंफ्रैक्शन (मिनोका) कहा जाता है। यह मुख्यतौर पर हार्ट में रक्त के संचार में कमी के कारण होने वाली समस्या है, इसके लिए कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं।

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हार्ट अटैक के लक्षणों की करें पहचान - फोटो : istock
मायोकार्डियल इंफ्रैक्शन में क्या लक्षण होते हैं?

मिनोका के लक्षण भी दिल के दौरे के समान होते हैं। इसमें अचानक सीने में दर्द, दर्द जो हाथों तक फैलने लगता है, सांस की तकलीफ और मतली जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसे साइलेंट हार्ट अटैक की समस्या के रूप भी जाना जाता है। भले ही आपको हृदय रोग न हो फिर भी हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आहार, जीवनशैली को ठीक रखने और हार्ट अटैक को बढ़ावा देने वाली स्थितियों जैसे धूम्रपान-शराब, शारीरिक निष्क्रियता से बचाव करते रहना चाहिए।
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धमनियों में ब्लॉकेज की स्थिति - फोटो : istock
कोरोना संक्रमित रहे हैं तो बरतें और भी सावधानी

अध्ययनों में पाया गया कि कोरोना संक्रमण का शिकार रह चुके लोगों में लॉन्ग कोविड का खतरा हो सकता है, जिसमें हृदय स्वास्थ्य की समस्याएं अधिक देखी गई हैं। ऐसे लोगों को डॉक्टर से मिलकर हृदय स्वास्थ्य की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन स्थितियों से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर के लेवल को नियंत्रित रखें।
 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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