सुनना एक कौशल है, जिसे विकसित किया जा सकता है। यह एक ऐसा कौशल है जो न केवल आपको यह बताता है कि क्या कहा जा रहा है, बल्कि प्रभावी ढंग से प्रक्रिया को भी बताता है, जैसे कि बात कैसे कही गई है। भाषा का प्रकार और इस्तेमाल किए गए आवाज की टोन और यहां तक कि आपके साथ बात करने वाला व्यक्ति कैसी बॉडी लैंग्वेेज का उपयोग कर रहा है, यह भी बताता है।आप अधिक ध्यान से सुनना सीख सकती हैं और अगर आप एक अच्छी श्रोता हैं, तो आपका पार्टनर आपके सामने खुलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकता है। ऐसा कर आप उसे महसूस करा सकती हैं कि आपके लिए वह उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितनी आप उनके लिए हैं।
बात को सुनें
बातचीत के दौरान अपके दिमाग में कई तरह के ख्याल आना स्वाभाविक है, लेकिन अगर आप अपनी इस आदत के बारे में जानती हैं, तो प्रवृत्ति का मुकाबला करना आसान है। हम जितनी तेजी से बात करते हैं, उससे ज्यादा तेजी से सुनते हैं। कुछ अध्ययन के मुताबिक, औसत व्यक्ति 125 से 180 शब्द प्रति मिनट की दर से बात करता है, जबकि हम प्रति मिनट लगभग 400 से 500 शब्द की दर से सुन सकते हैं।
वक्ता की तुलना में श्रोता हमेशा एक बेहतर स्थिति में होता है और यही कारण है कि आप काम करने या खाना पकाने के बारे में सोचते हुए भी वक्ता की बात को सुन और समझ सकती हैं।
एक और महत्वपूर्ण बात जिसे आमतौर पर लोग अनदेखा करते हैं। अगर आपका पार्टनर बात करना चाहता है और आप ध्यान नहीं दे सकती हैं तो ईमानदारी से न बोलें और बाद में बात करने के लिए समय निर्धारित करें। फिर टीवी बंद करें, अपने स्मार्टफोन दूर रखें और एक साथ बैठें। ये बातें दिखाती हंै कि आप अपने साथी का सम्मान करती हैं और उसे सुनने के लिए समर्पित हैं।