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सामाजिक आयोजनों का हिस्सा बनाएं
मनोवैज्ञानिक डॉ. मेघा शर्मा बताती हैं, अपने बच्चों से बड़ों के बीच हुए मनमुटाव की बात कभी शेयर न करें। उनके साथ सहयोग से जुड़े अनुभव ही साझा करें। बचपन से उन्हें सामाजिक आयोजनों का हिस्सा बनाएं। ऐसा करने से बच्चे रिश्तेदारों से जुड़ेंगे और पारिवारिक परंपराओं को जानेंगे। कोरोना काल ने सभी को रिश्तों की अहमियत समझाई, इसलिए बच्चों को भी आपस में जोड़ने वाली संबंधों की इस डोर की अहमियत समझाएं। उन्हें बताएं कि जरूरी नहीं, माता-पिता हमेशा साथ रहें, रिश्तेदार सुख-दुख के साथी होते हैं। बच्चों की तुलना न करें, इससे वे हीनभावना के शिकार हो जाते हैं और सिर्फ हमउम्र बच्चों के साथ या अकेले रहना पसंद करते हैं। बच्चों के साथ समय गुजारें, ताकि आपके साथ उनकी बॉन्डिंग बने और वे खुलकर अपनी बातें कह सकें।