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कैसे दिखते थे भगवान राम? देखें वाल्मीकि की नजर से

Thu, 20 Apr 2017 07:06 PM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
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भगवान राम का नाम आते ही उनकी एक धुंधली सी छवि हमारे मन में बन जाती है, लेकिन क्या आप जानते है कि भगवान राम मानव स्वरूप में दिखने में कैसे लगते थे। कैसे थे उनके केश, उनकी आंखें, चेहरा और कैसी थी उनकी आवाज। इन सब कि हम सब मात्र कल्पना ही कर सकते हैं, लेकिन रामायण में वाल्मीकि ने भगवान राम के मानव शरीर को जो वर्णन किया है, उसको पढ़कर आपने मन में बनी भगवान राम की धुंधली छवि बिल्कुल साफ हो जाएगी। रामायण के अनुसार भगवान राम की लंबाई छह फीट के करीब थी।

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सिर और केश

भगवान राम को त्रिशीर्षवान के नाम से भी जाना जाता है। रामायण के अनुसार इसका मतलब सिर में तीन आवृत होता है। तीन लक्षणों से युक्त होना भी इसका अर्थ होता है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार राम के केश लंबे थे।

मुख

भगवान राम की सुंदरता को वाल्मीकि ने शुभानन के रुप प्रयुक्त किया। राम के मुख की कोमलता और सुंदरता को व्यक्त करने के लिए चेहरे की उपमा चंद्रज्योत्सना और बालचंद्र से गई है।
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आंखें

कमल की तरह विशाल आंखें थी। आंखों के कोणों के ताम्र रंग को ताम्राक्ष और लोहिताश के रूप में व्यक्त किया गया है।

नाक

भगवान राम को महानासिका वाला भी कहा गया है। नासिका की महत्ता से अभिप्राय उन्नत और दीर्घ नासिका है।

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कान

राम के कानों के लिए टीकारों ने चतुर्दशसमद्वन्द और दशवृहत् का प्रयोग किया है। जिसका अर्थ होता है कानों का सम और बड़ा होना। वहीं वाल्मीकि ने उनके कानों के लिए शुभ कुंडलों का प्रयोग किया था।

हाथ

भगवान राम के हाथ के अंगूठे में चारों वेदों की प्राप्तिसूचक रेखा थी, जिससे उन्हें चतुष्फल कहा जाता है।
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​उदर व नाभि

इनका उदर त्रिषुचोन्नत विशेशण के अनुसार उन्नत और त्रिवली विशेशण के अनुसार तीन रेखाओं से युक्त था।

चरण

राम के सम और कमल के समान चरणों के लिए टीकाकरों ने चतुर्दशसमद्वन्द्व और दशपदम विश्लेषण का प्रयोग किया था।
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