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Flying with kids: क्या करें जब फ्लाइट हो जाए कैंसल

Tue, 24 Jan 2023 04:19 PM IST
स्वाति शैवाल लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चों के साथ सफर को बनाएं यादगार - फोटो : pixabay
यात्रा करना एक सुखद अनुभव है। इस अनुभव में और भी खुशियां जुड़ जाती हैं जब यात्रा परिवार के साथ होती है। परिवार के साथ होने का मतलब है बच्चों के साथ होने की भी संभावना। बड़े बच्चों के साथ यात्रा में स्थिति को मैनेज करना आसान होता है। बच्चे यदि छोटे हैं तो उनके साथ स्थितियां अलग हो सकती हैं क्योंकि उन्हें स्थिति समझाना या उनके हिसाब से माहौल को परिवर्तित करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में अगर हवाई यात्रा के दौरान फ्लाइट कैंसल हो जाए या डिले हो जाए तो छोटे बच्चों के साथ सफर करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसी स्थिति को संभालना मुश्किल भी होता है और कई बार इसकी वजह से यात्रा का पूरा मजा भी खराब हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, ताकि सफर का मजा भी बरकरार रहे और बच्चों के लिए भी यह एक अच्छा अनुभव बन जाए। छोटे बच्चे को इस बात से कोई मतलब नहीं होता कि आप सुविधा कैसे ढूंढेंगे, उन्हें अपना रूटीन वाला कंफर्ट जोन (नींद, भूख आदि) चाहिए होता है। इसकी कमी से वह चिड़चिड़ा हो सकता है जो आपके लिए और मुश्किल खड़ी कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप पहले से चीजें दिमाग में रखकर चलें।
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फ्लाइट का कैंसल होना, है मुश्किल स्थिति - फोटो : ANI
ये मुश्किलें आती हैं सामने 

नवजात शिशु के मामले में दिक्कत इसलिए नहीं होती क्योंकि वे सिर्फ माता-पिता पर ही निर्भर होते हैं। लम्बी दूरी में भी उन्हें गोद में ही रहकर खाना-पीना, सोना और सू-सू-पॉटी करना होता है। मुश्किल तब होती है जब बच्चे चलने और समझने लायक हो जाएँ क्योंकि इस स्थिति में उसे समझाना और संभालना दोनों चुनौती होते हैं। फ्लाइट के डिले या कैंसल होने पर या फ्लाइट छूट जाने पर ये बच्चे भूख, आस-पास के माहौल, बोरियत और स्थिति को न समझ पाने पर परेशान हो सकते हैं। इसलिए इनके हिसाब से हमेशा अतिरिक्त सामान जरूर रखें, चाहे वह खाने का सामान हो, मनोरंजन का (खिलौने आदि) या फिर डायपर जैसी चीजें। अधिकांश एयरपोर्ट पर छोटे बच्चों के लिए सामान मिलना मुश्किल होता है, यह बात याद रखें। यदि कहीं मिला भी तो वह सामान्य से कई गुना महंगा होगा, इसलिए अपनी तैयारी पूरी करके चलें।
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बच्चों के हिसाब से रखें पूरी तैयारी - फोटो : सोशल मीडिया
सोने और फीड कराने के लिए जगह चुनें 

जरूरी नहीं कि हर एयरपोर्ट पर आपको ऐसी कोई जगह मिले। सबसे ज्यादा खराब वह स्थिति होती है जब रात का समय एयरपोर्ट पर बिताना पड़े। खराब मौसम या अन्य कोई तकनीकी गड़बड़ में फ्लाइट का कैंसल होना एक आम स्थिति है और इसमें आप कुछ भी नहीं कर सकते। इस समय सबसे पहले अपनी एयरलाइन से विकल्प पूछें। ज्यादातर एयरलाइन खुद की गलती की वजह से फ्लाइट डिले या कैंसल होने की स्थिति में पास के किसी होटल में अरेजमेंट की सुविधा देती हैं, खासकर यदि आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो। यदि एयरलाइन कोई मदद नहीं कर पा रही तो एयरपोर्ट अथॉरिटी से सम्पर्क करें और ग्राउंड स्टाफ से मदद मांगें। अधिकांश मामलों में (रात की फ्लाइट डिले या कैंसल होने पर) आपको एयरपोर्ट पर भी विशेष सुविधा मिल सकती है, इसलिए इस विकल्प को ध्यान में जरूर रखें। दिन की फ्लाइट कैंसल या डिले होने पर भी बच्चे को एक-दो घंटे सुलाने की कोशिश अवश्य करें। इससे उसे आराम भी मिलेगा और वह इस इन्तजार से ऊबेगा भी नहीं।

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बुकिंग के समय लें पूरी जानकारी - फोटो : iStock
रिफंड व अन्य फायदों को चैक करें 

हालांकि आजकल फ्लाइट डिले या कैंसल होने के एवज में मिलने वाले रिफंड को लेकर सभी एयरलाईंस ने बहुत कड़े नियम बना दिए हैं। इसलिए जरूरी है कि टिकिट बुक करते समय ही नियमों को ध्यान से पढ़ें और सम्भव हो तो इसकी हार्ड कॉपी भी साथ रख लें। अधिकांश देशों में फ्लाइट कितने घंटे डिले है या किस स्थिति में कैंसल हुई है, इसके आधार पर आपको अपने टिकिट की 50 प्रतिशत तक राशि भी वापस मिल सकती है। इसलिए हमेशा टिकिट बुक करते समय इस बात को जरूर देखें, खासकर जब आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं। ऐसे में यदि आपको दूसरी कोई कनेक्टिंग फ्लाइट मिल रही है तो आप उसे बुक कर सकते हैं और आपको आर्थिक नुकसान भी कम से कम होगा।
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एयरपोर्ट पर शांति से करें बातचीत - फोटो : अमर उजाला
शांति से संभालें स्थिति 

यह एक सामान्य बात है कि यात्रा के बीच अचानक आने वाला व्यवधान मूड खराब कर देता है। यदि बच्चे आपके साथ हैं तो उन्हें संभालने में लगने वाली ऊर्जा अतिरिक्त हो जाती है। इस समय सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है मानसिक संतुलन को बनाये रखना। अगर आप शांत रहकर स्थिति को हैंडल करेंगे तो फायदा मिलेगा। इस समय फ्लाइट स्टाफ या एयरपोर्ट स्टाफ से लड़ने वाले, गुस्सा होने वाले या चिल्लाने वाले कई लोग आस पास इकट्ठे होंगे, इसलिए गुस्सा करने से कुछ हासिल नहीं होगा। क्योंकि आपके चिड़चिड़ाने, परेशान होने, झल्लाने से आपके बच्चे भी और परेशान हो जाएंगे। बच्चों के लिए आप आदर्श होते हैं। उन्हें लगता है आप हर चुनौती, हर स्थिति को संभालने में सक्षम हैं। जब वे आपको परेशान होते देखते हैं तो वे डर सकते हैं, और घबरा सकते हैं और इससे स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
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ज्यादातर हवाई अड्डों के आस पास होती है हरियाली - फोटो : Social Media
बच्चों को सिखाएं 

यह बात वैसे तो किसी भी स्थिति में बहुत महत्वपूर्ण है, केवल ट्रेवलिंग के दौरान ही नहीं। बच्चों में अगर यह आदत शुरू से डाली जाए कि स्थिति कोई भी हो, उनको रास्ते निकालने आने चाहिए, तो कभी भी दिक्कत नहीं आती। ट्रिप से पहले से बच्चों को छोटी छोटी कहानियों के जरिये आप यह सिखा सकते हैं कि मुश्किल परिस्थतियों में भी किस तरह हौसला बनाये रख सकते हैं। फ्लाइट डिले हो या कैंसल, छोटे बच्चों के साथ आप ऐसी जगह भी समय बिता सकते हैं जहाँ हरियाली और पेड़-पौधे हों। आमतौर पर एयरपोर्ट के बाहर और आस-पास इसी तरह के गार्डन आदि डेवलप किये जाते हैं। थोड़ी देर बच्चों को वहां खुली हवा में दौड़ने दें। अपने साथ पेपर और कलर्ड पेंसिल्स हमेशा रखें। इनके जरिये आप छोटे छोटे खेल क्रिएट कर सकते हैं।
 
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