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इन 5 बातों के आधार पर करें सच्चे और झूठे दोस्त में अंतर, दोस्ती में नहीं मिलेगा धोखा

Tue, 01 Dec 2020 04:44 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यदि दोस्ती में थोड़ी भी चतुराई है तो हो जाइए सचेत - फोटो : getty images

दोस्ती का सबसे मुख्य नियम ही यह है कि उसमें सच्चाई हो, आपका दोस्त आपके प्रति अपने दिल को साफ रखता हो, यदि दोस्ती में थोड़ी भी चतुराई है या कोई नकारात्मक भाव है तो ऐसे दोस्त पर आप विश्वास नहीं कर सकते क्योंकि आपके साथ किसी भी वक्त विश्वासघात हो सकता है। हमारे आस-पास बहुत सारे दोस्त होते हैं और ये हमारी ऊर्जा को प्रभावित भी करते हैं इसलिए बहुत जरूरी है कि हमारे दोस्ते सच्चे एवं अच्छे हो क्योंकि यदि ऐसा नहीं है तो हम हमेशा परेशान ही रहेंगे। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानते हैं कि किन बातों के आधार पर हम सच्चे और झूठे दोस्तों में पहचान कर सकते हैं।

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आप उनको मौका देंगे तो विश्वासघात होगा।

तोड़ता हो विश्वास
यदि आप अपने दोस्त पर विश्वास करके कोई बात बताते हैं और वो ये बात आपकी अनुपस्थिति में किसी और को बता दे और सवाल पूछने पर आपको ठीक से जवाब न दे तो ऐसे दोस्त पर आपको विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि आगे चलकर यदि आप उनको मौका देंगे तो आप ही के साथ विश्वासघात होगा।

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अपनी बात को कहने से दोस्ती को यह रिश्ता मजबूत ही होता है। - फोटो : books

खुली किताब होना
यदि आपका दोस्त आपसे अकेले में मन की बात कहता हो तो वह विश्वास करने योग्य है क्योंकि वह आप पर विश्वास करता है, आपको समझदार व जिम्मेदार मानता है। ऐसे दोस्त को अपना समय देने, उसकी बात को सुनने- समझने, अपनी बात को कहने से दोस्ती को यह रिश्ता मजबूत ही होता है।

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ऐसे बहानेबाजी करनो वाले दोस्तों से सतर्क रहें

बहानेबाजी करना
आप जब भी अपने दोस्त के साथ कोई योजना बनाते हैं तो यदि वे दूसरों के सामने हां कहता है या शुरुआत में हां कहकर बाद में बहाना बनाकर मना कर देता है तो ऐसे दोस्त पर कभी भरोसा न करें। ऐसे दोस्त जीवन के किसी भी मोड़ पर आपको मंझदार में अकेला छोड़ सकते हैं। इनसे सतर्क रहना बहुत जरूरी है।

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गलती को मान लेने वाला दोस्त सच्चा है

अपनी गलती मान लेना
दोस्तों में लड़ाई- झगड़े होना बहुत सामान्य बात है। वो दोस्ती ही क्या जिसमें कभी कोई छोटी-मोटी नोंकझोंक न हुई हो। लेकिन बात के बढ़ जाने पर यदि आपका दोस्त अपनी गलती न होने पर भी गलती को मान ले तो समझ जाइए वो आपका सच्चा दोस्त है और वो आपके इस रिश्ते को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

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तुलना करने वाले दोस्तों से दूरी भली

तुलना करना
यदि बात-बात में आपका दोस्त खुद की और आपकी तुलना करके आपको नीचा दिखाता हो तब तो ऐसे दोस्तों से दूर रहने में ही भलाई है क्योंकि ऐसे दोस्त कभी स्वीकार भी नहीं करते कि उन्होंने आपके साथ कभी ऐसे किया भी है, वे इसे मजाक कहकर आगे बढ़ जाएंगे लेकिन आप बार-बार आहत होंगे।

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