फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जन्मदिन विशेष: जीवन जीने की नई राह दिखाते हैं रवींद्रनाथ टैगोर के अनमोल विचार

Thu, 07 May 2020 07:30 AM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 11
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती विशेष - फोटो : अमर उजाला
हमारे देश का राष्ट्रगान 'जन गण मन' को  रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। रवींद्रनाथ टैगोर एक ऐसे अकेले कवि हैं, जिनकी दो रचनाएं दो देशों की राष्ट्रगान बनीं। बांग्लादेश का राष्ट्रीयगान 'आमार सोनार बांग्ला' के भी रचियता रवींद्रनाथ टैगोर ही हैं। साहित्य को देश से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नई पहचान दिलाने वाले पहले नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कोलकाता में जोरासंको हवेली में हुआ था। रवींद्रनाथ टैगोर सिर्फ एक कवि ही नहीं बल्कि संगीतकार, चित्रकार और लेखक भी थे। इसके साथ रवींद्रनाथ टैगोर ने जीवन जीने को लेकर भी कई विचार दिए हैं। उनके बताएं विचारों पर चलकर जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। आइए जानते हैं रवींद्रनाथ टैगोर के कुछ खास अनमोल विचारों के बारे में...
विज्ञापन

2 of 11
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती विशेष - फोटो : अमर उजाला
हम महानता के सबसे करीब तब होते हैं जब हम विनम्रता में महान होते हैं।
विज्ञापन

3 of 11
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती विशेष - फोटो : अमर उजाला
मिटटी के बंधन से मुक्ति पेड़ के लिए आजादी नहीं है।

4 of 11
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती विशेष - फोटो : अमर उजाला
हमेशा तर्क करने वाला दिमाग धार वाला वह चाकू है जो प्रयोग करने वाले के हाथ से ही खून निकाल देता है।
विज्ञापन

5 of 11
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती विशेष - फोटो : अमर उजाला
चंद्रमा अपना प्रकाश संपूर्ण आकाश में फैलाता है परंतु अपना कलंक अपने ही पास रखता है।
विज्ञापन

6 of 11
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती विशेष - फोटो : अमर उजाला
केवल प्रेम ही वास्तविकता है, ये महज एक भावना नहीं है। यह एक परम सत्य है जो सृजन के ह्रदय में वास करता है।
विज्ञापन

7 of 11
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती विशेष - फोटो : अमर उजाला
किसी बच्चे की शिक्षा अपने ज्ञान तक सीमित मत रखिए, क्योंकि वह किसी और समय में पैदा हुआ है।

8 of 11
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती विशेष - फोटो : अमर उजाला
फूल की पंखुड़ियों को तोड़ कर आप उसकी सुंदरता को इकठ्ठा नहीं कर सकते हैं।

9 of 11
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती विशेष - फोटो : अमर उजाला
आइए हम यह प्रार्थना न करें कि हमारे ऊपर खतरे न आएं, बल्कि यह प्रार्थना करें कि हम उनका निडरता से सामना कर सकें।

10 of 11
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती विशेष - फोटो : अमर उजाला
आश्रय के एवज में यदि आश्रितों से काम ही लिया गया, तो वह नौकरी से भी बदतर है। उससे आश्रयदान का महत्त्व ही जाता रहता है।
विज्ञापन

11 of 11
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती विशेष - फोटो : अमर उजाला
बर्तन में रखा पानी हमेशा चमकता है और समुद्र का पानी हमेशा गहरे रंग अस्पष्ट का होता है। लघु सत्य के शब्द हमेशा स्पष्ट होते हैं, महान सत्य मौन रहता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें