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Onam 2019: प्रजा से मिलने आते हैं राजा महाबलि, जानिए इस पर्व की परंपरा

Wed, 11 Sep 2019 10:13 AM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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ओणम का त्योहार - फोटो : Pixabay
ओणम का पर्व केरल में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह केरल का एक प्रमुख त्योहार है। केरलवासी इस दिन अपने परंपरागत लिबास में होकर देवता को पकवान प्रस्तुत करते हैं। भारत को सदियों से त्योहारों का देश कहा जाता है क्योंकि सदियों पहले से ही यहां त्योहारों को मनाने का रिवाज रहा है। इन्ही त्योहारों में से एक त्योहार ओणम है। राजा महाबलि के स्वागत में इस त्योहार को मनाया जाता है।
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ओणम - फोटो : ani
केरल में ओणम के 10 दिन पहले से ही उत्सव की शुरुआत हो जाती है। दसवें दिन लोग ओणम त्योहार को मनाते हैं। इस त्योहार की सबसे खास विशेषता यह है कि इस दिन लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना न कर घर पर ही पूजा करते हैं। इस दिन लोग अपने घर के मुख्य द्वार को फूलों से सजाते हैं और राजा महाबलि को प्रसन्न करने के लिए खट्ठे-मीठे व्यंजनों को बनाते हैं। राजा महाबलि को समर्पित करने के बाद इन व्यंजनों को सामूहिक भोज के रूप में ग्रहण किया जाता है।
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ओणम - फोटो : pixabay
मान्यता है कि राजा महाबलि इस दिन अपने प्रजा से मिलने पाताल लोक से धरती पर आते हैं। राजा महाबलि के शासन में रोज हजारों तरह के स्वादिष्ट पकवान व व्यंजन बनाए जाते थे इसलिए उनके प्रसाद के लिए कई तरह के लजीज व्यंजनों को बनाया जाता हैं।
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ओणम - फोटो : Pixabay
हिंदू पंचाग के अनुसार सूर्य जब सिंह राशि व श्रवण नक्षत्र में होता है तब ओणम का त्यौहार मनाया जाता है। यह त्यौहार हस्त नक्षत्र से शुरू होकर श्रवण नक्षत्र तक मनाया जाता है| ओणम के पहले दिन को अथम और उत्सव के समापन यानि अंतिम दिन को थिरुओनम या तिरुओणम कहा जाता है। ओणम का पर्व इस बार 11 सितंबर बुधवार को मनाया जाएगा।
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