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नागपंचमी का व्रत रखा है तो पूजा के दौरान महिलाएं जरूर बरतें ये 5 सावधानियां

Wed, 15 Aug 2018 11:23 AM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। देशभर में आज ये त्योहार मनाया जा रहा है। खास बात यह है कि नागपंचमी पर आज 20 साल बाद बेहद शुभ संयोग बन रहे हैं। जो लोग कालसर्प दोष से परेशान हैं अगर वो कुछ उपाय कर लें तो उनकी परेशानी का निवारण जल्द ही हो जाएगा। इसके अलावा अगर आप चाहते हैं कि नागदेवता आपकी सारी मनोकामनाएं जल्द पूरी करें तो व्रत रखने वाले जातकों को इन पांच बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। 
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नागों की पूजा करके आध्यात्मिक शक्ति, सिद्धियां और अपार धन की प्राप्ति की जा सकती है। अगर कुंडली में राहु केतु की स्थिति ठीक न हो तो भी इस दिन विशेष पूजा से लाभ पाया जा सकता है।कालसर्प दोष से पीड़ित लोग नाग पंचमी के दिन से लेकर अगले 40 दिनों तक नित्य सरस्वती चालीसा का पाठ करें। उन्हें पद्म कालसर्प दोष से मुक्ति मिल जाएगी।
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nag panchami
नागपंचमी पर पूजा करने का तरीका-
सबसे पहले प्रातःकाल उठकर स्नान करके भगवान शिव का स्मरण करें। उसेक बाद भगवान शिव का अभिषेक करके उन्हें बेलपत्र और जल अर्पित करें। शिवजी के गले में विराजमान नागों की पूजा करें। इसके बाद नागों को हल्दी, रोली, चावल और फूल अर्पित करें, इसके बाद चने, खील बताशे और कच्चा दूध अर्पित करें। इसके बाद "ॐ कुरु कुल्ले फट स्वाहा" का जाप करते हुए पूरे घर में जल छिडकें।

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नागपंचमी
पूजा के समय बरतें सावधानियां
नागपंचमी की पूजा करते समय हमेशा ध्यान रखें कि बिना शिव जी की पूजा किए कभी भी नागों की पूजा शुरू न करें। नागों की स्वतंत्र पूजा न करें, उनकी पूजा शिव जी के आभूषण के रूप में ही करें। जो लोग भी नागों की कृपा पाना चाहते हों, उन्हें इस दिन न तो भूमि खोदनी चाहिए और न ही साग काटना चाहिए।
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राहु केतु से परेशान लोग करें ये उपाय
सबसे पहले एक बड़ी रस्सी में 7 गांठें लगाकर एक प्रतीकात्मक सर्प बनाएं। अब इसे एक आसन पर स्थापित कर दें। इसके बाद कच्चा दूध, बताशा, फूल आदि उस प्रतीकात्मक सर्प पर अर्पित करते हुए गुग्गल की धूप जलाएं। इसके बाद राहु के मंत्र "ॐ रां राहवे नमः" और केतु के मंत्र "ॐ कें केतवे नमः" का जाप करें। इसके बाद एक-एक करके रस्सी की गांठें खोलते जाएं। अब रस्सी को बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।
 
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