जब देश अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, तब कई क्रांतिकारियों ने आगे आकर देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई और इन लोगों को मर-मिटने का भी डर नहीं था और इन्हीं में से एक थे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी। महात्मा गांधी हमेशा अहिंसा के रास्ते पर चले और एक लाठी के दम पर अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। गांधी जी ने कई आंदोलन चलाए और अंग्रेजों को ये बता दिया कि वे देश को आजाद कराने से कम किसी चीज पर नहीं मानेंगे। गांधी जी ने देश को आजाद कराने के लिए दिन-रात एक कर दिया। उनकी देश भक्ति देख हर कोई गांधी जी के साथ जुड़ता चला गया और फिर क्या था, आगे-आगे गांधी जी और पीछे-पीछे लोग। हर साल दो अक्टूबर को विश्व अहिंसा दिवस मनाया जाता है, लेकिन आप इसके पीछे की वजह जानते हैं? शायद नहीं, तो चलिए आपको बताते हैं।