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अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस 2021: क्यों मनाया जाता है ये दिन, कैसे हुई भारत में शुरुआत, यहां जानें सबकुछ

Sat, 01 May 2021 10:54 AM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस 2021 - फोटो : अमर उजाला
हर साल एक मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। एक मई का दिन दुनिया के मजदूरों और श्रमिक वर्ग को समर्पित होता है। इस दिन को लेबर डे, श्रमिक दिवस और मई दिवस जैसे नामों से भी लोग जानते हैं। इस दिन लोगों की छुट्टी भी रहती है। लेकिन आप इस दिन के बारे में कितना जानते हैं? शायद बेहद कम, तो चलिए आपको इस दिन के इतिहास से लेकर हर एक जरूरी बात बताते हैं। तो चलिए जानते हैं इस दिन के बारे में कई खास बातें।
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अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस 2021 - फोटो : istock
ऐसा है इतिहास
  • बात अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के इतिहास की करें, तो इस आंदोलन की शुरुआत अमेरिका में एक मई 1886 को हुई थी। दरअसल, यहां पहले एक दिन में 15 घटे तक मजदूरों से काम लिया जाता था, जिसके खिलाफ एक मई 1886 को आवाज बुलंद हुई और अमेरिका की सड़कों पर लोग निकले।
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अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस 2021 - फोटो : istock
इसी दौरान पुलिस ने कुछ मजदूरों पर गोली चलवा दी, जिसमें से 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए और वहीं, कई मजदूरों की जान चली गई। इसके बाद साल 1889 में अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन की दूसरी बैठक हुई और इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस एक मई को मनाने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही लोगों से आठ घंटे से ज्यादा काम न करवाने पर और इस दिन अवकाश रखने पर फैसला हुआ।

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अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस 2021 - फोटो : istock
भारत में ऐसे हुई थी इस दिन को मनाने की शुरुआत
  • बात अगर भारत की करें, तो चेन्नई में एक मई 1923 के दिन लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान की अध्यक्षता में इस दिन को मनाने की शुरुआत हुई। इस बात को कई सोशल पार्टियों और संगठनों का समर्थन मिला और इसका नेतृत्व वामपंथी कर रहे थे।
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अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस 2021 - फोटो : istock
ये है इस दिन का उद्देश्य
  • अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाने के पीछे कुछ उद्देश्य हैं, इसलिए ही इस दिन को मनाया जाता है। मजूदरों की उपलब्धियों का सम्मान करना, उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना व बुलंद करना, मजदूर संगठन को मजबूत करना और उनके योगदान की चर्चा करना आदि कई उद्देश्य हैं।
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