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काम की बात: सीट नंबर के आगे A लिखा हो तो ट्रेन में कहां बैठें? जान लेंगे तो नहीं होगी परेशानी

Wed, 22 Sep 2021 09:54 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
आप ट्रेनों में तो अक्सर सफर करते होंगे और रेलवे से जुड़े बहुत सारे नियमों के बारे में भी जानते होंगे, खासकर सीट के बारे में। वैसे अक्सर लोग ट्रेन का टिकट देख कर ही समझ जाते हैं कि उनकी सीट कहां पर है और कौन सी है, लेकिन सीटों को लेकर कुछ ऐसे भी कोड होते हैं, जिनके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं। जैसे अगर सीट नंबर के आगे ए (A) लिखा हो, तो वह कौन सी सीट होती है? दरअसल, ऐसी सीटें चेयरकार वाली ट्रेनों में होती हैं। भारतीय रेलवे ऐसी कई ट्रेनों का संचालन करता है, जिसमें सिर्फ बैठने के लिए ही सीटें बनी होती हैं। अगर आपने चेयरकार वाली ट्रेनों में टिकट लिया है, तो आपके बैठकर ही यात्रा करनी होगी, आप सोकर नहीं जा सकते हैं। ऐसी ट्रेनों में दो-दो या तीन-तीन सीटों की लाइनें बनी होती हैं। उसमें खिड़की की तरफ की पहली सीट को 'विंडो सीट' कहा जाता है, जिसके लिए डब्ल्यू (W) का इस्तेमाल किया जाता है। अब आइए जानते हैं ए (A) के बारे में...
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, अगर ट्रेन में तीन सीटों की लाइन है, तो विंडो सीट के बाद वाली सीट को मिडिल सीट कहते हैं, जिसके लिए एम (M) कोड का इस्तेमाल किया जाता है और इसके बाद जो आखिरी सीट होती है, उसे ऐसली (Aisle) सीट कहते हैं। इसी सीट के लिए ए (A) कोड का इस्तेमाल किया जाता है। दो सीट वाली लाइनों में भी विंडो के बाद वाली सीट को ऐसली (Aisle) सीट कहा जाता है। अब आइए अन्य सीटों के कोड के बारे में भी जान लेते हैं... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
एक्सप्रेस या सुपरफास्ट ट्रेनों की अगर बात करें तो इसमें लोअर, मिडिल और अपर के हिसाब से सीटें बंटी होती हैं। सबसे नीचे वाली सीट को लोअर, बीच वाली सीट को मिडिल और सबले ऊपर वाली सीट को अपर बर्थ कहा जाता है। इसके लिए क्रमश: LB, MB और UB कोड का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा ऐसी ट्रेनों में साइड लोअर और साइड अपर सीटें भी बनी होती हैं, जिनके लिए क्रमश: SL और SU कोड का इस्तेमाल किया जाता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सीटों की तरह की ट्रेनों में कोच के लिए भी अलग-अलग कोड होते हैं। जैसे, 1A का मतलब होता है फर्स्ट एसी, 2A का मतलब होता है सेकेंड एसी और 3A का मतलब थर्ड एसी होता है। इसी तरह SL का मतलब स्लीपर क्लास, 2S का मतलब सेकेंड सिटिंग, CC का मतलब चेयर कार और EC का मतलब एग्जीक्यूटिव चेयर कार होता है। 
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