डॉ. कुलदीप कुमार विश्नोई,
कृषि एवं बागवानी विशेषज्ञ
छोटे से बड़े गमले या गमले से जमीन में पौधों को शिफ्ट करना अक्सर मुश्किल भरा होता है, क्योंकि कई बार पौधे सूख जाते हैं। लेकिन मौसम बरसात का हो, तो फिर कोई दिक्कत नहीं। कई पौधों को छोटे गमले या स्थान से हटाकर बड़े गमले, क्यारी या बगीचे में लगाना बहुत जरूरी होता है। जिस प्रकार हम अपने किचन या टेरेस गार्डन में छोटे-छोटे गमलों में बीज या पौधे लगाते हैं, उस गमले या स्थान से बड़े हो गए पौधों को किसी दूसरे स्थान पर ट्रांसफर यानी री-पॉटिंग करना भी उतना ही जरूरी होता है। इसके लिए वर्षा ऋतु, शरद ऋतु की शुरुआत में और वसंत ऋतु, तीनों मौसम अच्छे माने गए हैं। 15 जुलाई के बाद पूरे अगस्त, फिर अक्तूबर और उसके बाद फरवरी माह में यह कार्य अच्छी सफलता देता है। लेकिन यह कार्य री-पॉटिंग करने वाले के तजुर्बे पर अधिक निर्भर करता है, क्योंकि री-पॉटिंग एक कुशलता भरा कार्य है।