हरतालिका तीज में रखें विशेष ध्यान
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किसी का न करें निरादर
व्रत वाले दिन किसी भी व्यक्ति की निरादर नहीं करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार सभी के हृदय में ईश्वर का वास होता है, इसका मतलब किसी व्यक्ति के निरादर करने से सीधे आप ईश्वर का निरादर करते हैं। इससे भी व्रत खंडित हो सकता है। घर के बड़े-बुजुर्गों की सेवा करें, उन्हें खुश रखें। ऐसा करने से व्रत सफल होता है। किसी को दुख पहुंचाने से व्रत के फल नहीं मिलता है।