भारत में हर त्यौहार को बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। वैसे तो सभी लोग त्यौहारों को लेकर उत्सुक रहते हैं लेकिन बच्चों का उत्साह सबसे अलग स्तर का होता है। होली के मौके पर तो बच्चे किसी की नहीं सुनते। रंग से खेलना, पिचकारी, गीला रंग, यह सब लगभग हर बच्चे को पसंद होता है। अक्सर अभिभावक बच्चों को कुछ बातों के लिए मना भी करते हैं लेकिन बच्चे मनमौजी होते हैं, करते वही हैं जो उन्हें पसंद होता है। ऐसे में कोरोना और ओमिक्रान के खतरे के बीच होली का पर्व मनाने को लेकर अभिभावक चिंतित हो सकते हैं। अधिकतर अभिभावक चाहेंगे कि संक्रमण से बचाव के लिए उनके बच्चे होली न खेलें, लेकिन बच्चों को समझाना आसान नहीं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा तो अभिभावकों की प्राथमिकता हो सकती है लेकिन त्योहार से दूर करना भी सही नहीं। कोरोना के खतरे के बीच कुछ बातों को ध्यान में रख कर बच्चों को होली में सुरक्षित रखा जा सकता है।