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Alert: डेंगू के बीच मच्छरों से होने वाले एक और संक्रमण का खतरा, इसका अब तक न तो कोई टीका-न ही खास इलाज

Thu, 09 Nov 2023 01:41 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जीका संक्रमण का जोखिम - फोटो : istock
उत्तर से लेकर दक्षिण भारत के कई राज्यों में पिछले दो महीनों में मच्छरजनित रोग डेंगू के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। राजधानी दिल्ली में इस बार डेंगू के सबसे खतरनाक स्ट्रेन टाइप-2 की पुष्टि की गई, जिसके कारण गंभीर रोग के विकसित होने और रोगियों की जान जाने का खतरा अधिक था। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के अलावा दक्षिण के राज्य तमिलनाडु में भी डेंगू के मामले काफी अधिक देखे गए। राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू संक्रमण ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

डेंगू के जारी खतरे के बीच केरल में मच्छरों से होने वाले एक और गंभीर संक्रमण- जीका ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। केरल के कन्नूर जिले में जीका के 8 मामले रिपोर्ट किए गए मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, केरल सरकार ने उच्च सतर्कता जारी की है और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए उपाय तेज कर दिए हैं। पहला संक्रमण 30 अक्टूबर को रिपोर्ट किया गया था और 6 नवंबर तक मामलों की संख्या बढ़कर आठ हो गई। 
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जीका संक्रमण का कहर - फोटो : Istock
मच्छरजनित एक और संक्रामक रोग का जोखिम
 
राज्य सरकार ने एक बयान जारी कर कहा है कि यदि मरीजों में जीका वायरस के लक्षण देखे जाते हैं, तो स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को उन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

संक्रमित मच्छरों के काटने से होने वाला जीका संक्रमण कुछ मामलों में गंभीर लक्षणों और जटिलताओं वाला भी हो सकता है। एडीस एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस प्रजाति के मच्छरों के कारण ये रोग होता है। यदि कोई गर्भवती महिला इससे संक्रमित हो जाती है, तो वायरस भ्रूण के मस्तिष्क के विकास में बाधा बन सकता है। जीका से संक्रमितों में मौत के मामले भी अधिक हो सकते हैं।
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जीका के लक्षणों की पहचान - फोटो : istock
कैसे होते हैं जीका के लक्षण?

जीका गंभीर समस्याकारक है, इसके लक्षण गंभीर हो सकते हैं। हालांकि जीका से पीड़ित केवल 5 में से एक व्यक्ति में ही लक्षण देखे जाते हैं। ज्यादातर रोगियों में बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, आंखों के सफेद भाग में लालिमा या कंजंक्टिवाइटिस, त्वचा पर दाने और लालिमा जैसी दिक्कत हो सकती है।

ये लक्षण आमतौर पर कुछ दिनों से लेकर एक सप्ताह तक रह सकते हैं। जीका वायरस के कारण गंभीर बीमारी होने या अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है।

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जीका और डेंगू के लक्षण - फोटो : iStock
जीका और डेंगू में क्या अंतर है

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जीका और डेंगू के ज्यादातर लक्षण एक जैसे ही होते हैं। दोनों प्रकार के संक्रमण की स्थिति में बुखार, सिरदर्द-जोड़ों में दर्द के साथ त्वचा की दिक्कतें हो सकती हैं। डेंगू ज्यादातर, अंगों और चेहरे को प्रभावित करता है। जीका के चकत्ते आमतौर पर लाल धब्बे होते हैं जो चपटे, उभरे हुए हो सकते हैं।

जीका वायरस संक्रमण आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है, जिन लोगों में गंभीर लक्षण होते हैं उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता हो सकती है।
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जीका का इलाज क्या है? - फोटो : iStock
जीका के उपचार क्या है?

जीका वायरस संक्रमण में विशिष्ट उपचार और बचाव के लिए कोई खास टीका नहीं है। जिन रोगियों में इसके गंभीर लक्षण विकसित होते हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती होने और सहायक उपचार की आवश्यकता होती है। रोगियों को पर्याप्त आराम करने, खूब मात्रा में तरल पदार्थ के सेवन की आवश्यकता होती है। जीका या किसी भी प्रकार के मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए मच्छरों को पनपने से रोकें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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