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World Radiography Day 2021: क्या है विश्व रेडियोग्राफी दिवस का इतिहास? और क्यों मनाया जाता है ये दिन? यहां जानें सबकुछ

Mon, 08 Nov 2021 02:40 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विश्व रेडियोग्राफी दिवस 2021 - फोटो : istock
बीमारियां, मतलब जहां मनुष्य है वहीं, बीमारियां भी मौजदू हैं। हम एक अच्छा खानपान लेते हैं, अच्छी दिनचर्या को फॉलो करते हैं और जरूरत पड़ने पड़ डॉक्टर की सलाह अनुसार ही काम करते हैं। लेकिन कई बार हम किसी बीमारी से इतना पीड़ित हो जाते हैं कि हमें कई तरह की बड़ी दिक्कतों से जूझना पड़ता है। इस बात में कोई दो राय नहीं कि बीमारी से जल्द से जल्द ठीक होने के लिए हमें दवाओं का सेवन करना पड़ता है, लेकिन हम कौन सी बीमारी से पीड़ित हैं। इसके लिए कई तरह के टेस्ट तक करवाने पड़ते हैं और इन्हीं में से एक है रोडियोग्राफी। ये एक ऐसी तकनीक है, जिसके जरिए लोगों की अंदरूनी समस्याओं के बारे में बेहद आसानी से जाना जा सकता है। तो चलिए आज यानी 8 नवंबर को विश्व रेडियोग्राफी दिवस के मौके पर आपको हम इस दिन के इतिहास से लेकर बाकी चीजों के बारे में बताते हैं।
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विश्व रेडियोग्राफी दिवस 2021 - फोटो : istock
क्या है इतिहास?
  • विश्व रेडियोग्राफी दिवस के इतिहास के बारे में बात करें, तो ये दिन पहली बार साल 2012 में मनाया गया था। इस दिन को मनाने की पहल यूरोपियन सोसाइटी ऑफ रेडियोलॉजी, रेडियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका और अमेरिकन कॉलेज ऑफ रेडियोलॉजी की तरफ से की गई थी। तभी से हर साल दुनियाभर में इस दिन को 8 नवंबर को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।
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विश्व रेडियोग्राफी दिवस 2021 - फोटो : istock
इसलिए मनाया जाता है ये दिन
  • 8 नवंबर को हर साल विश्व रेडियोग्राफी दिवस मनाया जाता है। इस दिन रेडियोग्राफी के उस मूल्य के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है, जिससे मरीज की देखभाल में योगदान दिया जाता है। एक्स-रे जैसी चीजें लोगों की समस्या को खोजने में काफी मदद करता है। इसलिए इस दिन लोगों को जागरूक किया जाता है।
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विश्व रेडियोग्राफी दिवस 2021 - फोटो : istock
ये है इसका महत्व
  • मरीजों की बीमारियों का अंदरुनी रूप से पता लगाने के लिए रेडियोलॉजिकल सिस्टम का उपयोग किया जाता है। इसमें एक्स-रे, एमआरआई और अलट्रासाउंड जैसी चीजें शामिल हैं। इससे बीमारी का जड़ से पता लगाने में मदद मिलती है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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