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भारत ने जीती इस भयानक बीमारी के खिलाफ जंग, पाकिस्तान पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, टेंशन में WHO

Thu, 24 Oct 2019 01:13 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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पोलियो - फोटो : pisabay
भारत जहां पांच साल पहले ही पोलियो मुक्त हो चुका है वहीं, पाकिस्तान इस संक्रामक बीमारी से अभी तक जूझ रहा है। इसी महीने विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पाकिस्तान में पोलियो के मरीजों की संख्या बढ़ने को लेकर चिंता जताई। पाकिस्तान में इस साल अभी तक पोलियो के 76 मामले दर्ज हो चुके हैं। जबकि भारत ने पोलियो के खिलाफ जंग पूरी तरह से जीत ली है। पाकिस्तान के साथ ही अफगानिस्तान भी अभी तक पोलियो की बीमारी से जूझ रहा  है। वैसे तो पोलियो की बीमारी किसी भी उम्र में इंसान को अपनी चपेट में ले सकती है लेकिन पांच साल तक के बच्चे सबसे ज्यादा इस बीमारी के शिकार बनते हैं। पाकिस्तान का हाल पोलियो के मामले में बेहद ही बुरा है।
 
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पोलियो - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान में साल 2018 के मुकाबले साल 2019 में पोलियो के मामलों में खासा बढ़ोतरी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 3 अक्टूबर के अपने बयान में इसे घोर चिंता का विषय बताया है। पाकिस्तान की इमरान खान सरकार बच्चों के लिए घातक पोलियो की बीमारी पर काबू पाने में असफल रही है।
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पोलियो - फोटो : pixabay
पाक अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल पोलियो के मामले बढ़ने के पीछे अफगानिस्तान से लोगों का पाकिस्तान आना है, जिसकी वजह से यह संक्रामक बीमारी में बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा, लोगों का बच्चों को पोलियो की वैक्सीन लगाने से मना करना भी पाक के पोलियो मुक्त न होने की वजह रही है।
 

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पोलियो - फोटो : pixabay
पाक स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि वैक्सीन लगाने के दौरान उन्हें समुदाय से समर्थन नहीं मिलता है। बच्चों को पोलियो की दो बूंदे पिलाने के लिए अभिभावक राजी नहीं रहते हैं। गौरतलब है कि भारत मार्च 2014 में ही पोलियो का उन्मूलन कर चुका है। 
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polio
साल 2011 में भारत में सिर्फ पोलियो का एक मामला सामने आया था इसके तीन साल बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया। पोलियो एक संक्रामक बीमारी है। यह बीमारी पोलियो वायरस की वजह से होती है। पोलियो वायरस से पीड़ित बच्चों की आंते प्रभावित होती हैं क्योंकि यह वायरस आंतों में ही होता है। 
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पोलियो टीम के कर्मचारी
छोटे बच्चे जब मल करते हैं तो यह वायरस बाहर निकलता है और दूसरे बच्चों तक इसके फैलने की संभावना रहती है।  पोलियो के ज्यादातर मामले में बच्चों के सिर में दर्द, तेज बुखार और गले में दर्द होता है। 
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पोलियो
इसके अलावा बच्चों को उल्टियां होना और भूख की कमी भी पोलियो की वजह बन सकती है। बच्चों के मांस-पेशियों में दर्द होना और उनकी त्वचा में खुजली होना भी पोलियो की शिकायत के लक्षण हो सकते हैं। पोलियो की बीमारी का इलाज बस वैक्सीन और दवा ही है। इसलिए आपको अपने बच्चों को पोलियो की ड्रॉप जरूर पिलानी चाहिए।
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