World Osteoporosis Day 2025: अक्सर बुजुर्ग महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या देखने को मिलती है।
एक आंकड़े के मुताबिक, 50 से अधिक उम्र के हर तीसरी महिला इस बीमारी का शिकार है, जबकि पुरुषों में यह अनुपात 5 में से 1 का है। यह अनुपात स्पष्ट रूप से दिखाता है कि यह बीमारी महिलाओं के लिए एक बड़ा स्वास्थ्य खतरा है। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि क्यों महिलाओं में ये समस्या अधिक होती है, इसके पीछे के मुख्य कारण क्या हैं?
हर साल 20 अक्तूबर को 'वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे' मनाया जाता है, इसका उद्देश्य इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है। ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डियां अपने घनत्व और मजबूती को तेजी से खोने लगती हैं, और सरल शब्दों में कहें तो हड्डियां धीरे-धीरे गलने लगती हैं, जिससे वे बहुत कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। यही वजह है कि कुछ बुजुर्ग महिलाओं को एक मामूली सी ठोकर या गिरने पर भी कूल्हे, रीढ़ की हड्डी या कलाई में फ्रैक्चर हो जाता है।
यह बीमारी अक्सर 'साइलेंट किलर' कहलाती है, क्योंकि इसके लक्षण तब तक दिखाई नहीं देते जब तक पहला फ्रैक्चर न हो जाए। महिलाओं में कुछ हार्मोनल बदलाव की वजह से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा अधिक होता है साथ ही उनकी जीवनशैली से जुड़ी कुछ गलतियां भी इस बीमारी के जोखिम को बढ़ा देती हैं। हर महिला के लिए इन कारणों को जानना और समझना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।