दिवाली का त्योहार मतलब ढेर सारी मिठाइयां और लजीज पकवान। अक्सर लोग दिवाली में पेट की समस्या से परेशान रहते हैं, इसका एक बड़ा कारण है कि लोग बिना सोचे-समझे मसालेदार चीजें और मिठाइयां खाने लगते हैं। ये समस्या ज्यादार बूढ़ों और बच्चों में देखने को मिलती है। बच्चों को मिठाइयां और तले-भुने स्नैक्स आसानी से आकर्षित करते हैं, जिससे उनका पाचन तंत्र बिगड़ जाता है। वहीं बुजुर्गों का पाचन तंत्र पहले से ही कमजोर होता है, ऐसे में जब को ढेर सारी मिठाइयां और अन्य जंक फूड खाते हैं तो उनकी तबियत भी खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है।
त्योहार के उत्साह में अक्सर उनकी डाइट पर ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे एसिडिटी, अपच, ब्लड शुगर में उछाल, या डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए इस दिवाली इन दो नाजुक समूहों के लिए एक संतुलित और सुरक्षित आहार योजना बनाना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि दिवाली के दौरान बच्चों और बुजुर्गों के खानपान का ध्यान कैसे रखना चाहिए साथ ही ये भी जानेंगे क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।